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पांचवें दिन 5 घंटे की मशक्कत के बाद भी सेना को नहीं मिला जमीन पर कब्जा, नोटिस देकर हुई रवाना

Mhow News - महू-नीमच मार्ग भाटखेड़ी स्थित पीथमपुर चौपाटी क्षेत्र में सेना पांचवें दिन फिर 9 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण में बने...

Dainik Bhaskar

Jun 25, 2018, 04:00 AM IST
पांचवें दिन 5 घंटे की मशक्कत के बाद भी सेना को नहीं मिला जमीन पर कब्जा, नोटिस देकर हुई रवाना
महू-नीमच मार्ग भाटखेड़ी स्थित पीथमपुर चौपाटी क्षेत्र में सेना पांचवें दिन फिर 9 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण में बने बायो-डीजल पंप पर कब्जा लेने पहुंची। करीब पांच घंटे तक कब्जा लेने की मशक्कत के दौरान सैन्य अधिकारी नोटिस देने के साथ यह कहकर वापस लौट गए की यह हमारी जमीन है हम फिर से कब्जा लेने आएंगे। इस पर कब्जेधारी ने भी सेना के अधिकारियों को कहा आपकी जमीन हमारे पास अमानत के तौर पर रखी है। आप कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे लेने आए हम जरूर देंगे।

रविवार सुबह 11.45 बजे करीब सेना के अधिकारी, तहसीलदार तपिश पांडेय, एसडीओपी अशोक उपाध्याय भाटखेड़ी स्थित सेना की 9 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण में बने बायो डीजल पंप पर कब्जे लेने की कार्रवाई करने पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद कब्जेधारी आसमां बी पति सिद्दिक लाला व उसके परिजन व काम करने वाले मजदूर के परिवारों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया है। इस पर सेना व राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कब्जेधारियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। इस दौरान कब्जेधारी के वकील नीलेश अग्रवाल ने अधिकारियों को हाईकोर्ट द्वारा तीन दिन की मोहलत के दस्तावेज सौंपे। जिसके बाद सेना के अधिकारियों ने भी तुरंत कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया। जिसके बाद वकील अग्रवाल ने उस नोटिस का जवाब दे दिया। करीब पांच घंटे तक अतिक्रमण हटाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। जिसके बाद आखिरकार पूरा अमला पांचवें दिन भी बगैर कार्रवाई किए दोपहर 3.45 बजे करीब लौट गया।

रविवार को सेना के नाम पर हो चुका है लगभग 9 एकड़ जमीन का नामांतरण

संयुक्त रूप से चर्चा करते हुए सेना के अधिकारी व कब्जेधारी परिवार के सदस्य।

तहसीलदार पांडेय के ने बताया रविवार को इस 9 एकड़ भूमि का नामांतरण भारत शासन रक्षा संपदा विभाग के नाम पर दर्ज हो गया है। चूंकि यह ए-1 लैंड है। इसलिए इस पर सीधा नियंत्रण सेना का रहता है। सेना के अनुसार ही कब्जे की कार्रवाई पूरी होगी।

50 से ज्यादा सैनिक, 40 पुलिसकर्मी रहे मौजूद

कार्रवाई करने के लिए 50 से ज्यादा सैनिक, महू, किशनगंज, बड़गोंदा सहित 40 पुलिस जवानों का बल। एक जेसीबी, दो क्रेन मौजूद थी। करीब पांच घंटे तक यह तैनात रहे लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी।

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