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कश्मीर में पथराव करने वालों को रावत का संदेश

कश्मीर घाटी में पथराव की बढ़ती घटनाओं और आतंकवाद बढ़ने के संकेतों के बीच सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने उपद्रवियों...

Danik Bhaskar | May 11, 2018, 04:20 AM IST
कश्मीर घाटी में पथराव की बढ़ती घटनाओं और आतंकवाद बढ़ने के संकेतों के बीच सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने उपद्रवियों को स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें आज़ादी कभी मिलने नहीं वाली और इसके लिए हथियार उठाने वालों से हम सख्ती से निपटेंगे। जम्मू-कश्मीर की अस्थिर स्थिति पर यह उनका सबसे कड़ा बयान है। जनरल रावत ने स्पष्ट किया कि सेना का व्यवहार कभी बर्बर नहीं रहा। इसी स्थिति में सीरिया व पाकिस्तान में टैंक और हवाई ताकत का इस्तेमाल किया गया है। इसकी पुष्टि लश्कर ए तय्यबा के आतंकी एजाज गुजरी के वीडियो से भी होती है, जिसमें उसने माना है कि वह झाड़ियों में छिपा था, जहां सेना उसे मार सकती थी लेकिन उसनेे बंदी बनाकर उसकी जान बचाई। उसने गलत रास्ते पर चल रहे अन्य साथियों को भी हथियार छोड़कर सामान्य ज़िंदगी जीने की अपील की है। पाकिस्तानी करतूतों का भी पर्दाफाश करते हुए उसने बताया कि जिस दिन वह पकड़ा गया, उसी दिन पाकिस्तान से आतंकियों को निर्देश मिले थे कि भारतीय सेना बर्बरता कर रही है, इसलिए वे उपद्रव फैलाएं। घाटी के शिक्षित युवाओं का आतंकी गुटों में शामिल होना भी पाकिस्तानी साजिश का ही संकेत देता है। जनरल रावत ने राज्य की मेहबूबा मुफ्ती सरकार को भी संदेश दे दिया है, जो ईद और अमरनाथ यात्रा का हवाला देकर पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई रोकने पर जोर दे रही हैं। जबकि खुफिया सूत्रों के मुताबिक घाटी के कुछ मदरसों में आतंकियों को मदद देने के लिए पथराव करने का महत्व समझाया जा रहा है। नवंबर 2017 में मेहबूबा मुफ्ती सरकार ने पहली बार पथराव करने वाले 4500 युवाओं को छोड़ दिया था। सुरक्षा बलों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि वे रोज नियंत्रण रेखा और भीतरी भागों में अपने कर्तव्य को अंजाम दे रहे हैं पर इस तरह की नीतिगत पंगुता के कारण पथराव की घटनाएं नहीं रुक पातीं। दरअसल, जब से चीन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई है, पाकिस्तानी फौज में अजीब-सी बेचैनी महूसस की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर को मुद्‌दा बनाने और भारत को बातचीत के लिए मजबूर करने के उद्‌देश्य से वह ये सारी हरकतें कर रही है। कुछ पहले इसी तरह के संकेत पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष बाजवा ने दिए थे। हमें ढुलमुल रवैया त्यागकर सख्ती बनाए रखनी चाहिए जैसा कि जनरल रावत ने कहा है।