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कैनवस पर साकार हाशिए पर धकेले लोगों का संघर्ष

पांच दिनी रंग आनंद कला महोत्सव में 32 कलाकारों की 80 पेंटिंग्स और फोटोग्राफ्स प्रदर्शित किए गए, आज होगा कला संवाद ...

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2018, 04:11 AM IST
Mhow - कैनवस पर साकार हाशिए पर धकेले लोगों का संघर्ष
पांच दिनी रंग आनंद कला महोत्सव में 32 कलाकारों की 80 पेंटिंग्स और फोटोग्राफ्स प्रदर्शित किए गए, आज होगा कला संवाद

सिटी रिपोर्टर | युवा कलाकार सिर्फ प्रकृति और जीवन की सुंदरता को ही नहीं रच रहे हैं, बल्कि वे देश के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को गहराई से महूसस करते हुए समाज के हाशिए पर धकेल दिए गए लोगों को भी अपनी चित्रकृतियों में रच रहे हैं। वे बहुत यथार्थवादी ढंग से लोगों के सुख-दु:ख और संघर्ष को अलग अलग माध्यमों में चित्रित कर रहे हैं। रंग-आनंद महोत्सव में प्रदर्शित की गई चित्र-कृतियां यह सहजता से अभिव्यक्त करती हैं। यह 5 दिनी महोत्सव प्रीतमलाल दुआ कला वीथिका में सोमवार से शुरू हुआ। इसमें 32 कलाकारों की 80 कृतियां शामिल कई हैं जिसमें कुछ फोटोग्राफ्स भी शामिल किए गए हैं।

सड़क किनारे चाबुक वाला और रिक्शा खींचता व्यक्ति

कलाकार संजय जामले सड़क पर ढोलक बजाती प|ी के साथ चाबुक चलाकर पैसा कमाते व्यक्ति, सड़क किनारे एक तारा बजाती स्त्री और उसके पीछे कचरा टटोलते बच्चों को सटीक रेखांकनों के जरिए यथार्थपरक चित्रण किया है। चटख रंगों का इस्तेमाल कर उन्होंने उनके संघर्ष को और घना कर दिया है। इसी तरह ओ.पी. गुप्ता की एक चित्रकृति में साइकिल रिक्शा खींचते व्यक्ति को चित्रित किया गया है। इस रिक्शा में तीन स्त्रियां बैठी हुई हैं। यह चित्र सरलता से बताता है कि एक आम आदमी को रोज़ी रोटी के लिए कितना संघर्ष करना पड़ता है। खुशबू ने खाली घड़ों के साथ बैठी एक स्त्री को कमल लिए चित्रित किया है तो एक कलाकार ने अत्याचारी के हाथों से अपनी बेटी को बचाती मां का चित्रण किया है।

फूलों की कोमल दुनिया और स्टिल लाइफ

इसके अलावा प्रेम ने चार्ली चैपलिन का अच्छा पोर्ट्रेट बनाया है तो स्वाति भारद्वाज ने हरे-पीले और लाल रंगों एब्स्ट्रैक्ट लैंडस्पेक चित्रित किया है। गरिमा शर्मा ने शिव को बिल्व पत्रों और तिलक लगी गाय को बांसुरी और मोरपंख के साथ धैर्य से रचा है। मोनालिसा ऋषि ने फूलों की कोमलता और शाखाओं पर बैठे परिंदों को खूबसूरती से रचा है। सुनीता ने पेंटिंग में, संगीता वर्मा और तनीषा वाधवान ने फोटोग्राफ्स में फूलों की कोमल दुनिया बताई है। वर्षा पादीदार ने स्टिल लाइफ को रचा है। यह प्रदर्शनी 14 सितंबर तक रोज़ाना सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक देखी जा सकती है।

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