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जमीन के विवाद में भाभी की गैरइरादतन हत्या के आरोपी देवर और उसके दो पुत्रों को 7 साल की कैद

ग्राम पारबिरोली में जमीनी विवाद में भाभी की मौत के मामले में देवर और उसके दो पुत्रों को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 03:00 PM IST
ग्राम पारबिरोली में जमीनी विवाद में भाभी की मौत के मामले में देवर और उसके दो पुत्रों को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एमएस तोमर ने गैरइरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई। सरकारी वकील भोजराज सिंह रघुवंशी ने बताया 28 मार्च 2015 को फरियादी श्यामलाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया पैतृक जमीन का पूर्व में पिता और चाचाओं के बीच बंटवारा हो चुका है। बंटवारे को लेकर 28 मार्च को पंचायत की बैठक भी हुई। पंचायत खत्म होने के बाद चाचा दशरया और उसके पुत्र दहलु और देवी उर्फ देवीराम पंवार ने खेत जाते समय उसके पिता गोसाई और मां मैना बाई के साथ विवाद किया और दशरया, दहलु और देवीराम ने उसके पिता गोसाई और मां मैना बाई को लकड़ी से पीटकर कर घायल कर दिया। बीच बचाव करने आई उसकी प|ी कमला बाई के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। श्यामलाल की रिपोर्ट पर पुलिस ने दहलु, देवीराम और दशरया पवार के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया। 31 मार्च 2015 को उपचार के दौरान मैना बाई की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश एमएस तोमर ने सुनवाई उपरांत निर्णय में आरोपियों का कृत्य गैरइरादतन हत्या का निरूपित करते हुए दहलु पिता दशरया, देवी उर्फ देवीराम पिता दशरया और दशरया पिता पाचू को गैरइरादतन हत्या के आरोप में 7-7 साल के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।

मेहमान आए युवक की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास

मुलताई| कुजबा में मेहमान आए युवक की कुल्हाड़ी मारकर हत्या करने वाले ग्रामीण को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एमएस तोमर ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सरकारी वकील भोजराजसिंह रघुवंशी ने बताया 13 जुलाई 2015 को महाराष्ट्र के गांव पेंडोनी निवासी प्रकाश पिता कलीराम आदिवासी अपने रिश्तेदार ग्राम कुजबा निवासी कपूरा बाई के घर मेहमानी करने आया था। रात में प्रकाश, कपूरा बाई और नाती अंकित खाना खाने के बाद सो गए थे। गांव का रमेश पिता महादेव इवने रात करीब 2 बजे कपूरा बाई के घर में घुसा और उसने प्रकाश पर कुल्हाड़ी से हमला कर घायल कर दिया। इस दौरान कपूरा बाई और नाती अंकित ने रमेश को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वह भाग गया। अंकित गंभीर रूप से घायल प्रकाश को उपचार के लिए मुलताई के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टर ने प्रकाश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने रमेश इवने के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश एमएस तोमर ने प्रकरण की सुनवाई उपरांत रमेश इवने को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। इस मामले में न्यायालय में सुनवाई के दौरान अंकित ने बताया आरोपी रमेश उसकी हत्या करने आया था। रमेश की मां ढोंडी बाई और उसके पिता महादेव के साथ उसका खेती को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के चलते रमेश उसे मारने के लिए पहुंचा था लेकिन उसने मेहमान प्रकाश पर हमला कर दिया था।

छात्रा पर फब्तियां कसकर आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी को पांच साल का कारावास

बैतूल|
स्कूली छात्रा पर फब्तियां कसकर उसे आत्महत्या के लिए उकसाने वाले एक आरोपी को न्यायालय ने दोषी पाते हुए पांच साल कारावास की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने बताया बैतूल बाजार थाना क्षेत्र के सुरगांव में 11वीं की एक छात्रा को 23 वर्षीय सुनील हरिराम भूषण तंग करता था। स्कूल, ट्यूशन जाते समय अक्सर सुनील उसका पीछा करके उस पर फब्तियां कसता था। परेशान होकर छात्रा ने 4 दिसंबर 2015 को जहर खाकर जान दे दी थी। मामले में न्यायाधीश भूपेंद्र कुमार निगम की अदालत ने साक्ष्यों और तथ्यों पर सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी पाया। आरोपी सुनील भूषण को धारा 306 में दोषी पाते हुए 5 साल के सश्रम कारावास और तीन हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न जमा करने की स्थिति में दो माह अतिरिक्त सजा भुगताने के आदेश भी दिए। शासन की ओर से लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने पैरवी की।