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होलिका दहन करने शाम 7.40 से रात नौ बजे तक शुभ संयोग

Murena News - सनातन परंपरा के मुताबिक होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को शाम 7.40 बजे से रात नौ बजे तक शुभ संयोग में किया जा...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 03:55 AM IST
होलिका दहन करने शाम 7.40 से रात नौ बजे तक शुभ संयोग
सनातन परंपरा के मुताबिक होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को शाम 7.40 बजे से रात नौ बजे तक शुभ संयोग में किया जा सकेगा। प्रदोषकाल व भद्रा रहित समय होने के कारण इस मुहूर्त को शुभ माना गया है। यह बात ज्योतिर्विद पं. रमेश चौरसिया ने कही। एक मार्च की शाम 7.40 बजे से रात नौ बजे तक का समय प्रदोषकाल में होकर भद्रा रहित है। इसलिए सभी लोग इस समय में होलिका दहन कर सकते हैं। गुरुवार को सुबह आठ बजकर 58 मिनट से पूर्णिमा तिथि लग रही है। इसी दिन शाम 7.39 बजे भद्रा समाप्त होने के बाद का समय होलिका पूजन व दहन के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

राहु के अशुभ प्रभावों से बचाव

राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए नारियल का एक गोला लेकर उसमें अलसी का तेल भरें, उसी में थोड़ा से गुड डालें। उस नारियल को अपने शरीर के अंगों से स्पर्श कराकर जलती होली में डाल दें।

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होलिका दहन करने शाम 7.40 से रात नौ बजे तक शुभ संयोग
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