--Advertisement--

क्वारी व आसन नदी का जल रोकने चार स्टॉप डैम तैयार

बंजर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए क्वारी व आसन नदी पर गलेथा, अहरौली, परा व मोधना गांव में चार नए...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:55 AM IST
बंजर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए क्वारी व आसन नदी पर गलेथा, अहरौली, परा व मोधना गांव में चार नए स्टॉप डैम बनकर तैयार हैं। बारिश के दौर में इन स्टॉप डैमों में दोनों नदियों का पानी रोककर लगभग 3000 हेक्टेयर क्षेत्र में 7000 किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

गलेथा व अहरौली में क्वारी नदी पर नौ करोड़ रुपए की लागत से दो स्टॉप डैम का निर्माण कराया गया है। गलेथा के स्टॉप डैम पर कॉज-वे (छोटा पुल) भी बनाया है जिससे वहां के किसान नदी पार क्षेत्र में खेती करने जा सकेंगे। दोनों स्टॉप डैम से 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सीजन की फसल गेहूं व सरसों को पानी दिया जा सकेगा। इससे 2000 से अधिक किसान सिंचाई सुविधा से लाभान्वित हो सकेंगे।

परा व मोधना में 8 करोड़ से बनेंगे दो स्टॉप डैम

अंबाह अनुविभाग क्षेत्र के परा व मोधना गांव में भी क्वारी नदी पर आठ करोड़ रुपए की लागत से दो नए स्टॉप डैम बनाए गए हैं। परा व मोधना के स्टॉप डेम बनने से 900 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मुहैया होगी। इससे वहां के 1800 किसान लाभान्वित होंगे। दरअसल इस अंचल में नहर के अलावा सिंचाई के अन्य कोई साधन नहीं हैं। इसलिए क्वारी नदी के जल का उपयोग कर खेती की सिंचाई की जाएगी।

गलेथा, अहरौली, परा व मोधना के स्टॉप डैम के पानी से 7000 किसान होंगे लाभान्वित, 3000 हेक्टेयर क्षेत्र में होगी सिंचाई

जौरा क्षेत्र में बने स्टॉप डैम में बारिश का पानी रोका जाएगा।

3000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी


अभी चंबल नहर से 3.50 लाख हेक्टेयर में की जा रही सिंचाई

मुरैना जिले में इन दिनों चंबल नहर के पानी से 3.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। विभाग सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर चार लाख हेक्टेयर करना चाहता है। इसके लिए स्टॉप डेम बनाकर सिंचाई क्षमता को बढ़ाया जा रहा है।

एक लाख हेक्टेयर जमीन बंजर

जिले में एक लाख हेक्टेयर जमीन ऐसी है जिससे बारिश के अलावा अन्य किसी स्रोत से पानी सुलभ नहीं होता है। इसके चलते किसान उस जमीन पर रबी सीजन की फसल नहीं ले पा रहे हैं। चार नए स्टॉप डैम बनने से किसानों की आजीविका मजबूत होगी।