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सब्जियों की वृद्धि 15 गुना करने जीआईसी रसायन का उपयोग, कोलन कैंसर का खतरा

पेस्टीसाइड के इस्तेमाल से पैरालाइसिस का भी खतरा भास्कर संवाददाता | मुरैना गर्मी के मौसम सब्जियां सीमित रह...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:00 AM IST
पेस्टीसाइड के इस्तेमाल से पैरालाइसिस का भी खतरा

भास्कर संवाददाता | मुरैना

गर्मी के मौसम सब्जियां सीमित रह जाती हैं, वहीं लोगों में इसकी मांग बढ़ने लगती है। इन हालातों में सब्जी उत्पादक अधिक मुनाफा प्राप्त करने सब्जी को कीटों से बचाने एवं उसकी वृद्धि करने के लिए जीआईसी (ग्रोथ इनिसिएटिव कैमिकल) व पेस्टीसाइड रसायन का प्रयोग कर रहे हैं। जबकि प्राणी वैज्ञानिकों को मानना है इन रसायनों के अधिक उपयोग से मनुष्य को कोलन (बड़ी आंत का कैंसर) कैंसर होने का खतरा है। यहां बता दें कि शासन स्तर पर ऑक्सीटोसिन जैसे जीआईसी रसायन पर प्रतिबंध लगाया गया है।

पैरालाइसिस का भी खतरा: सामान्यतः तीन से पांच एमएल जीआईसी रसायन सब्जियों की वृद्धि को 10 से 15 गुना बढ़ा देते हैं। यदि जीआई रसायन की सात एमएल से अधिक मात्र मस्तिष्क सीएसएफ (सेरी ब्रॉ स्पाइनल फ्लड) में पहुंचती है तो पक्षाघात अर्थात लकवा (पैरालाइसिस) का खतरा भी बढ़ जाता है।

इस तरह कोलन कैंसर बनाता है जीआईसी रसायन

डॉ विनायक सिंह तोमर के मुताबिक बड़ी आंत जल एवं खाद्य पदार्थों का अवशोषण करने का कार्य करती है। इस दौरान सब्जियों के साथ आए जीआईसी रसायन बड़ी आंत के कोलन भाग की भीतरी सतह पर एकत्रित हो जाते हैं। इससे कोशिकाएं अनियंत्रित व्यवहार के लिए प्रेरित होने लगती है तथा कोलन कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।

इन सब्जियों के उपयोग से पनपती हैं बीमारियां