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ट्रैफिक सुधारने के अफसरों के दावे फेल एक साल में भी नहीं बदल सके हालात

Murena News - अंबाह में अनियंत्रित ट्रैफिक के कारण लोगों को निकलना मुश्किल। दिन के समय में भी भारी वाहन निकलना जारी शहर...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 04:05 AM IST
ट्रैफिक सुधारने के अफसरों के दावे फेल एक साल में भी नहीं बदल सके हालात
अंबाह में अनियंत्रित ट्रैफिक के कारण लोगों को निकलना मुश्किल।

दिन के समय में भी भारी वाहन निकलना जारी

शहर में दिन के समय भारी वाहन निकलते हैं इनमें बस-ट्रक, डंपर ट्रैक्टर आदि लोडिंग वाहन भी शामिल है। बाजार में इन वाहनों के आने से ट्रैफिक जाम होता है। बीच सड़क पर लोडिंग अनलोडिंग होती है जिससे समस्या बढ़ती है।

योजना: प्रशासन ने इस समस्या के निराकरण के लिए परेड चौराहा, पोरसा चौराहा, मुरैना तिराहे पर चैकिंग प्वाइंट लगाकर भारी वाहनों पर प्रवेश लगाने भी बोला था। लेकिन आज तक इस पर अमल प्रारंभ नहीं हुआ है। जिससे शहर में दिन भर जाम लगता है।

पार्किंग तय नहीं

मुख्य बाजार में वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। नपा चौराहा, मुरैना रोड, हॉस्पिटल रोड, गंज, परेड चौराहा, जयेश्वर रोड पर लोग मनचाहे तरीके से वाहन पार्क कर देते हैं। इससे आवागमन प्रभावित होता है।

योजना: नपा ने थाना पुलिस व मुरैना यातायात प्रभारी के साथ चार माह पहले रेतपुरा मोहल्ला, उसैद रोड व कब्रिस्तान के पास अस्थाई पार्किंग बनाने की योजना बनाई थी। वहीं रेपतुरा मोहल्ला में पार्किंग की तार फेंसिंग भी कराई थी। लेकिन इतने दिनों बाद भी एक भी जगह पार्किंग शुरू नहीं की गई और तो और रेतपुरा की तार फेंसिंग को असामाजिक तत्वों ने नष्ट भी कर दिया। जिससे नपा को हजारों का नुकसान हुआ है।

सड़कों पर घूमते हैं पशु

सभी मुख्य बाजारों में पशु घूमते रहते हैं। मुख्य सड़कों पर पशुओं के कारण ट्रैफिक प्रभावित होता है। कई बार सड़क पर मवेशियों के लडऩे से ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो जाता है और हादसे भी होते हैं।

हॉकर्स जोन चालू नहीं

मुख्य बाजार में सड़कों पर ठेले वाले व फड़ वाले खड़े रहते हैं। सदर बाजार, नपा चौराहा, जयेश्वर रोड पर अतिक्रमण के चलते महज 5 से 8 फीट तक रोड ट्रैफिक के लिए बचती है। दुकानदारों ने दुकानों के आगे सामान रखकर कब्जा कर लिया हे। इससे पैदल निकलना भी मुश्किल होता है।

योजना: नगरपालिका ने अस्थाई रूप से ठेले व गुमटी लगाने वालों के लिए भूमिया रोड व रेतपुरा में हॉकर्सजोन बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन रेतपुरा में तो हॉकर्स जोन बना नहीं। वहीं भूमिया रोड पर यह बन भी गया तो वहां कोई नहीं लगाता जिससे यह बेकार पड़ा है और बाजार में जाम लग रहा है।

योजना: जग्गा चौराहा पर इसके लिए लगभग 14 बीघा जमीन में 22 लाख रुपए की लागत से गौशाला तैयार कराई गई है। लेकिन पशुओं का स्वछंद विचरण हो रहा है।

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