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साधु बनकर रहता था डकैत रतन, गुरेमा में बीमारी से मौत

5 हजार के इनामी को जिंदा रहते नहीं पकड़ पाई पुलिस भास्कर संवाददाता | श्योपुर(वीरपुर) फिरौती के लिए लोगों को अगवा...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 06:15 AM IST
5 हजार के इनामी को जिंदा रहते नहीं पकड़ पाई पुलिस

भास्कर संवाददाता | श्योपुर(वीरपुर)

फिरौती के लिए लोगों को अगवा करने वाला डकैत रतन जाटव की बीमारी के चलते मौत हो गई है। जिंदा रहते पुलिस डकैत रतन को नहीं पकड़ सकी। मरने के बाद पता चला कि रतन साधु का रूप धरकर क्षेत्र में घूमता रहता था। इस बात की भनक पुलिस को नहीं लग सकी। मुरैना जिले के सबलगढ़ थाना क्षेत्र के गुरेमा गांव में बीमारी के चलते डकैत रतन की मौत होने के बाद इस बात का खुलासा हुआ है। मृतक डकैत की अंत्येष्टि श्योपुर जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र के पटवारी का पुरा गांव में होली वाले दिन की गई है। मामला पुलिस की संज्ञान में आने के बाद विधिवत पंचनामा बनवाकर डकैत रतन का दाह संस्कार कराया गया है।

डकैत रतन जाटव अपनी गैंग बनाकर ग्रामीण क्षेत्र से लोगों की पकड़ करता था। फिरौती लेकर लोगों को छोड़ता था। रतन के खिलाफ वीरपुर थाने में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है। पहले से पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित है। लेकिन पुलिस डकैत को आज तक गिरफ्तार नहीं क पाई। रतन मूलतः वीरपुर के पटवारी का पुरा गांव का रहने वाला है।

जमीन के विवाद चलते बना डकैत, एक बार सरेंडर भी कर चुका था

पिछले एक दशक पूर्व रतन जाटव का गांव में जमीनी विवाद हो गया था। मारपीट की घटना के बाद रतन बीहड़ों में उतर गया। अन्य अपराधियों को साथ लेकर अपनी छोटी सी गैंग भी बना ली थी। वीरपुर के हरकुई गांव से रतन सिंह ने केदार जाटव नामक व्यक्ति को अगवा कर लिया था। फिरौती लेकर उसे छोड़ा था। हालांकि डकैत रहते रतन ने किसी की हत्या नहीं की। डकैत रहते रतन ने एक बार समर्पण कर दिया था। जेल जाने के बाद पुन: छूटकर आया तो फिर से बीहड़ों में उतरकर डकैती का रास्ता चुन लिया। उसके बाद से पुलिस कभी रतन को गिरफ्तार नहीं कर पाई।