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बसों में ठूंस-ठूंसकर भर रहे सवारियां हादसे का खतरा, अफसर नहीं देते ध्यान

नगर समेत ग्रामीण रूटों पर बस ऑपरेटर परिवहन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। अधिकांश रूटों पर अनफिट बसें क्षमता से...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 06:15 AM IST
नगर समेत ग्रामीण रूटों पर बस ऑपरेटर परिवहन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। अधिकांश रूटों पर अनफिट बसें क्षमता से कहीं अधिक सवारियां भरकर चलाई जा रही है। खटारा बसों के संचालन से यात्रियों के लिए सफर कष्टप्रद हो रहा है। इस संबंध में नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक और जिला परिवहन अधिकारी को पत्र लिखा है। जिसमें परिवहन शर्तों की धज्जियां उड़ा रही अनफिट एवं ओवरलोड यात्री बसों की धरपकड़ के लिए साझा अभियान चलाने की आवश्यकता बताई है।

समाजसेवी बृजमोहन गुप्ता ने प्रस्तुत पत्र में बताया कि विजयपुर से मुरैना, शिवपुरी और ग्वालियर के बीच प्रतिदिन 65 बसें चलती है। इसके अलावा वीरपुर,सहसराम, रघुनाथपुर व श्यामपुर रूट पर 30 से अधिक बसें चलाई जा रही है। इनमेंं कई बसें बिना लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र के सड़क पर दौड़ रही है। बस के मोटरपार्ट्स कंडम होने के साथ ही शीशे, खिड़की व सीटें तक सलामत नहीं है। कई बसोंं में सीटों के पास कटी हुई टीन और नुकीली कीलें निकल रही है। भेड़-बकरी जैसे जानवरोंं को भी बसों में बैठाने से परहेज नहीं करते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि विजयपुर क्षेत्र में पिछले साल हुई भीषण बस दुर्घटना में चार लोगों की मौत तथा दर्जनभर लोगों के गंभीर रूप से घायल हो गए थे।