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200 बसाहटों में गिरा जलस्तर, न नए बोर कराए न पंपों में डालीं मोटर

पहाड़गढ़ के कन्हार क्षेत्र में बसे आदिवासियों को पीने का पानी भरने के लिए कुंदनपुरा से डेढ़ किमी दूर खेत में स्थित 40...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 06:20 AM IST

200 बसाहटों में गिरा जलस्तर, न नए बोर कराए न पंपों में डालीं मोटर
पहाड़गढ़ के कन्हार क्षेत्र में बसे आदिवासियों को पीने का पानी भरने के लिए कुंदनपुरा से डेढ़ किमी दूर खेत में स्थित 40 साल पुराने कुएं पर जाना पड़ता है। पानी भरने के लिए गांव की महिलाएं व पुरुष एक साथ खाली बर्तन लेकर कुएं पर जाते हैं और वहां से एक-एक, दो-दो बर्तन पानी भरकर घरों तक लाते हैं। खेत में जब फसल खड़ी होती हैं तो किसान उस समय पानी भरने से मना कर देता है। तब पेयजल को लेकर मुसीबत और बढ़ जाती है। जबकि यह पहले ही तय हो चुका है कि जिला पंचायत को ऐसे संकटग्रस्त क्षेत्रों में टैंकर से पानी परिवहन की व्यवस्था करनी थी। लेकिन ऐसा नहंी हो पाया।

प्रस्ताव अब तक नहीं मंजूर

मुरैना जिले में नई नल योजनाओं के लिए जो 15 प्रस्ताव फरवरी के पहले सप्ताह में भोपाल भेजे गए उनको मुख्यमंत्री पेयजल आवर्धन योजना से अब तक मंजूरी नहीं मिली है। इस हाल में गर्मी के दौर में जलसंकट वाली बसाहटों को पानी मुहैया कराने का प्रयास मुश्किल सफल होगा।

जिला पंचायत का पेयजल परिवहन पर भी ध्यान नहीं

पानी की किल्लत वाले 40 से 45 गांवों में टैंकरों के माध्यम से पानी प्रदाय करने की कार्ययोजना को जिला पंचायत ने बीते सवा महीने में तैयार नहीं किया है। बीते साल जिन बसाहटों में टैंकरों से पानी की परिवहन किया गया था, वहां इस साल भी वहीं हालात बने हुए हैं।

200 बसाहटों के लिए मांगा पैसा: लोक स्वास्थ्य यांत्रकीय विभाग ने शासन से 200 बसाहटों में पानी के नए स्त्रोत तैयार कराने के लिए 2017 में दो करोड़ रुपए की मांग की थी लेकिन अब तक कोई बजट मंजूर नहीं हुआ है।

बंद हैंडपंपों में नहीं डालीं मोटरें

प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल ने 20 जनवरी को मुरैना में समीक्षा बैठक के दौरान पीएचई के कार्यपालन यंत्री केआर गोयल को निर्देश दिए थे कि वह स्टोर में रखीं 45 सिंगल फेस मोटरों को बंद हैंडपंपों में डलवाएं ताकि लोगों को पीने का पानी मिल सके।

सवा महीने बाद भी विभागीय अधिकारियों ने उन मोटरों को स्टोर से निकालकर हैंडपंपों तक नहींं पहुंचाया है। मोटरों का उपयोग क्यों नहीं हो पा रहा है इस पर बैठक में उपस्थित रहे कलेक्टर भी गंभीर नही हैं। मोटरों का उपयोग इसलिए किया जाना है ताकि जलस्तर उतरने वाले हैंडपंपों से गहराई से पानी निकाला जा सके।

बिजली के लिए नहीं दिया बजट

40 से अधिक बंद नल-जल योजनाओं को चालू कराने के लिए बिजली कनेक्शन की आवश्यकता है। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग ने जिला पंचायत को बिजली मद का पैसा जारी किया है। प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल ने सीईओ जिला पंचायत को निर्देश दिए थे बिजली कंपनी को उपलब्ध राशि जारी की जाए लेकिन 40 दिन बाद भी यह काम पूरा नहीं हो सका है। इस कारण नल-जल योजनाओं को बिजली के नए कनेक्शन नहीं मिल पाए हैं।

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Web Title: 200 बसाहटों में गिरा जलस्तर, न नए बोर कराए न पंपों में डालीं मोटर
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