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समोसा, कचौड़ी, बेढ़ई बनाने में घटिया पॉम आयल का इस्तेमाल, स्वास्थ्य को खतरा

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:55 PM IST

Murena News - हलवाई की दुकानों पर पॉम ऑयल में तले जा रहे समोसे। ज्यादा मसाले व तेलयुक्त खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल से बचें ...

समोसा, कचौड़ी, बेढ़ई बनाने में घटिया पॉम आयल का इस्तेमाल, स्वास्थ्य को खतरा
हलवाई की दुकानों पर पॉम ऑयल में तले जा रहे समोसे।

ज्यादा मसाले व तेलयुक्त खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल से बचें


प्रतिदिन 500 टीन खप रहा घटिया पॉम ऑयल

नगर में एक सैंकड़ा से अधिक ऐसे हलवाई हैं जो जगह-जगह चाय-नाश्ते का कारोबार कर रहे हैं। इन हलवाइयों के प्रतिदिन पॉम ऑयल के 15 लीटर वाले तीन से पांच टीन उतारते ठेले वालों को देखा जा सकता है। जबकि इन घटिया किस्म के पॉम ऑयल के इस्तेमाल से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर हो सकता है?

5 माह पूर्व हुई घटना के बाद भी कस्बों में नहीं हुई कार्रवाई

यहां बता दें कि लगभग पांच माह पूर्व पहले जौरा विकास खंड के तोर-तिलावली गांव में टिकिया (गोल गप्पे) व भल्ले के इस्तेमाल से एक सैंकड़ा से अधिक लोग बीमार होकर मुरैना व जौरा के अस्पताल में भर्ती रहे थे। गनीमत यह रही कि समय पर इलाज मिलने के कारण कुछ समय बाद सब ठीक हो गए। लेकिन इस घटना के बाद भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अंचल के विकासखंड मुख्यालयों पर टिकिया, भल्ले, समोसे, बेढ़ई, जलेबी आदि खाद्य सामग्री बनाने वाले हलवाइयों के यहां सैंपलिंग की कार्रवाई नहीं की गई है।

इन इलाकों में बनाए जा रहे घटिया तेल से समोसे

नगर के जिन क्षेत्रों में घटिया पॉम ऑयल से समोसे, पकौड़ी, कचौड़ी व बेढ़ई बनाई जा रही है उनमें नगर पालिका चौराहा, सदर बाजार, गंज, पोरसा रोड, मुरैना रोड, उसैद रोड आदि क्षेत्र शामिल हैं।

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