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स्कॉलरशिप के अलावा 21 वर्ष की आयु होने पर खाते में जमा होंगे एक लाख

बेटियों को स्वावलंबी बनाने के लिए महिला बाल विकास विभाग ने बदला मदद का पैटर्न भास्कर संवाददाता | मुरैना ...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:40 AM IST
स्कॉलरशिप के अलावा 21 वर्ष की आयु होने पर खाते में जमा होंगे एक लाख
बेटियों को स्वावलंबी बनाने के लिए महिला बाल विकास विभाग ने बदला मदद का पैटर्न

भास्कर संवाददाता | मुरैना

बेटियां पढ़-लिखकर अपने कैरियर को रोशन करें इसके लिए महिला बाल विकास विभाग ने सरकारी मदद के पैटर्न को कुछ हद तक बदल दिया है। नए नियमों में छटवीं से बारहवीं तक एजुकेशन स्कॉलरशिप देने व 21 वर्ष की आयु होने पर खाते में एक लाख रुपए जमा कराए जाना सुनिश्चित किया है। लाडली लक्ष्मी योजना के तहत वित्तीय मदद का प्रकरण स्वीकृत होने पर महिला बाल विकास विभाग ऑनलाइन एक लाख 18 हजार रुपए का प्रमाण-पत्र बेटी के नाम जारी कर रहा है। इस राशि में से एक लाख रुपए की रकम बेटी के वयस्क होने पर उसके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस पैसे से कोई छात्रा,उच्च शिक्षा हासिल कर सकेगी।

कक्षा छह से मिलेगी स्कॉलरशिप

जिन बेटियों के लिए महिला विकास विभाग से 1.18 लाख रुपए की मदद के प्रमाण-पत्र जारी होंगे, उन्हें कक्षा छह में दो हजार रुपए, कक्षा नौ में चार हजार रुपए, कक्षा 11 व 12 में छह-छह हजार रुपए की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। स्कॉलरशिप के पैसे से बेटियां अपनी पढ़ाई संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकेंगी।

जिले में 50 हजार को मिली मदद : लाडली लक्ष्मी योजना में मदद के ग्राफ को देखें तो वर्ष 2007-08 से अब तक बीते सात साल में 50 हजार बेटियों को एक लाख 15 हजार रुपए के मान से सरकारी सहायता प्रदान की जा चुकी है।

बदला, मदद का तरीका

महिला बाल विकास विभाग ने लाडली लक्ष्मी योजना में मदद के तरीके को बदल दिया है। वर्ष 2015 से पहले बेटियों के नाम छह-छह हजार रुपए के राष्ट्रीय बचत पत्र जारी किए जाते थे। लगातार पांच साल तक जारी किए जाने वाले पांच बचत पत्रों के माध्यम से एक लाख से 15 हजार रु की सहायता मिलने का प्रावधान था लेकिन अब पुराने बचत-पत्रों के स्थान पर नए प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं।

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स्कॉलरशिप के अलावा 21 वर्ष की आयु होने पर खाते में जमा होंगे एक लाख
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