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18 से 142 दिन के लिए वक्री हो रहे शनि, राशियों को राहत

जब भी बड़े गृह शनि यागु गोचरवश भचक्र में वक्री होते हैं तो ये अपनी राशिगत गोचर के अनुसार भौगोलिक, राजनीतिक, सामाजिक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 04:00 AM IST

जब भी बड़े गृह शनि यागु गोचरवश भचक्र में वक्री होते हैं तो ये अपनी राशिगत गोचर के अनुसार भौगोलिक, राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से धरा पर रहने वाले सभी जड़ एवं चेतन को प्रभावित करते हैं। 18 अप्रैल की शाम 5 बजे से शनि वक्री हो रहे हैं जो 142 दिन तक अपने प्रभाव से 12 राशियों के जातकों को अलग-अलग प्रभाव का शुभ व अशुभ फल प्रदान करेंगे। इसके साथ ही महंगाई भी बढ़ेगी। यह बात ज्योतिर्विद पं. रमेश चौरसिया ने कही।

ज्योतिर्विद पं. चौरसिया सोमवार को प्रसंगवश शनि गृह के वक्री होने के संदर्भ में जातकों को जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि 18 अप्रैल को शाम 5 बजे से धनु राशि में वक्री होकर 6 दिसंबर को मार्गी होकर कुल 142 दिनों के लिए वक्री हो रहे हैं। वहीं गु जो कि तुला राशि में 9 मार्च से 10 जुलाई कुल 124 दिन के लिए वक्री रहेंगे। शनिदेव न्याय, सभी प्रकार के कर्म, विश्व घटनाक्रम, नौकरशाही, तेल निर्माण आदि क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस समय वे धनु जो कि अग्नि तत्व और गुरु प्रधान धर्म की राशि में भ्रमण कर रहे हैं। इसीलिए शनि का वक्रत्व भारतीय राजनीति को धार्मिकता सामाजिक भिन्नता मुद्दों को लेकर अत्यधिक प्रभावित करेगी। धर्म से जुड़ी घटना से संभवत: राम मंदिर निर्माण से जुडे किसी बड़े घटनाक्रम का भी संकेत दे रही है। शनि और मंगल एक ही साथ धनु राशि में होने से देश में हत्या, बलात्कार, सामाजिक हिंसा की घटनाएं बढ़ेगी। सीमा पर तनाव की स्थिति बढ़ती चली जाएगी।

सूर्यदेव कर्क राशि में राहु के साथ रहेंगे: गुरु आकाश, शिक्षा तथा अर्थव्यवस्था का भी कारक है। 15 जून से 15 जुलाई तक सूर्यदेव मिथुन राशि में शनि की दृष्टि में रहेंगे। इसके बाद 15 जुलाई से 15 अगस्त तक सूर्यदेव कर्क राशि में राहु के साथ रहेंगे।

ज्योतिष विचार

शनि गृह के वक्री होने से वाहन, उद्योग, तेल, सीमेंट, लोहा उद्योग में महंगाई बढेग़ी

भगवान शनिदेव

किन राशियों पर कैसा असर

ज्योतिर्विद पं. रमेश चौरसिया ने बताया कि जिन राशियों पर शनि की साढ़े साती, चतुर्थ, अष्ट व सप्तम ढैया चल रही है। ऐसी राशियों में वृषभ, मिथुन, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु व मकर राशि के जातकों को लाभ व राहत मिलेगी। मेष, सिंह, तुला, कुंभ, मीन राशि के जातकों को शनि एवं गुरु के उपायों, मेहनत व बुद्धि तथा चातुर्य से परेशानी कम होगी। इन राशियों के जातक पांच पेड नीम, पीपल, जामुन, आम व शमी के लगाएं इससे परेशानी से मुक्ति मिलेगी।

शनि के वक्री होने का प्रभाव

तेल उद्योग में उथल-पुथल का वातावरण रहेगा। पुराने विदेशी शत्रु आकाशीय युद्ध के लिए तैयारी करेंगे।

15 जून से 15 अगस्त के बीच का समय उत्तरपूर्व भारत पूर्वोत्तर राष्ट्रों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। अचानक सत्ता पलट या किसी राष्ट्र प्रमुख का पतन होने के संकेत हैं।

15 जून से 15अगस्त का समय यातायात के लिए उचित नहीं रहेगा। संचार तंत्र रेल, बस परिवहन व हवा दुर्घटना के योग बन रहे हैं।

व्यापार शनि के वक्री होने से वाहन महंगे होंगे। तेल, सीमेंट, लोहा में भी महंगाई बढेग़ी। निर्माण उद्योग में भी शनि के वक्री होने का प्रभाव दिखाई देगा।

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