70 डीएड-बीएड कॉलेज में से 68 ने गड़बड़ी छिपाने नहीं भरा फॉर्म
अनियमितताएं कर डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) और बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) कॉलेजों को पकड़ने के लिए लागू किए गए परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट सिस्टम को अंचल में कॉलेज संचालकों व जेयू अफसरों की जुगलबंदी पलीता लगा रही है। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन द्वारा लागू की गई इस व्यवस्था के तहत 31 दिसंबर तक कॉलेजों को बिल्डिंग, स्टाफ और अकाउंट्स की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी थी, लेकिन अंचल में संचालित 70 से अधिक डीएड-बीएड कॉलेजों में से सिर्फ दो ने ही जानकारी भेजी। बाकी कॉलेजों को संबद्धता न देने के लिए काउंसिल ने जेयू को पत्र लिखा। इसे दबाकर अब कॉलेजों को संबद्धता देने की तैयारी की जा रही है।
वहीं एनसीटीई ने गत सितंबर 2019 में पीएआर सिस्टम लागू किया था। इस सिस्टम के तहत कॉलेज संचालकों को अपने कॉलेज की बिल्डिंग, स्टाफ की जानकारी, अकाउंट्स की डिटेल जैसे दस्तावेज अपलोड करने थे। इसमें विशेष जोर टीचिंग फैकल्टी पर है, क्योंकि एक से अधिक कॉलेजों में फैकल्टी के दस्तावेज लगाकर मान्यता ले ली जाती थी। इसे रोकने के लिए एनसीटीई के अफसरों ने इस पोर्टल पर सबसे पहली जानकारी फैकल्टी से संबंधित ही मांगी है। इसमें फैकल्टी के नाम, आधार कार्ड, फोटो, उनकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने पर यूनिक नंबर जारी किया जाता है, ताकि एक फैकल्टी का रजिस्ट्रेशन सिर्फ एक ही कॉलेज में हो सके। इसके अलावा 28/17 के तहत फैकल्टी को होने वाले पेमेंट की डिटेल भी मांगी गई है। ग्वालियर-चंबल अंचल से सिर्फ दो कॉलेजों ने ही इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। बाकी कॉलेज संचालक अभी भी सेटिंग में लगे हैं। इस संबंध में जीवाजी यूनिवर्सिटी डीसीडीसी डीडी अग्रवाल ने बताया कि अभी एनसीटीई से हमें कोई जानकारी नहीं मिली है कि किन कॉलेजों ने पीएआर में डिटेल भरी है या नहीं। इस कारण हम अभी इन कॉलेजों का इंस्पेक्शन करा रहे हैं। आगे एनसीटीई से जो जानकारी आएगी, उस आधार पर संबद्धता देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
कॉलेजों से रजिस्ट्रेशन में मांगे थे यह दस्तावेज
{फैकल्टी की डिटेल के साथ रजिस्ट्रेशन। {फैकल्टी का संबंधित विश्वविद्यालय से वेरीफिकेशन। {100 रुपए के स्टांप पर शपथ पत्र के रूप में कॉलेज की भूमि का खसरा नंबर, ग्राम, जिला और प्रदेश की जानकारी। {जमीन संबंधी रजिस्ट्री, नजूल एनओसी, डायवर्जन, नामांतरण और लैंडयूज सर्टिफिकेट। {भार रहितता प्रमाण पत्र। {बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट। {बिल्डिंग प्लान। {अकादमिक कैलेंडर {तय फॉर्मेट में फैकल्टी की डिटेल। {तय फॉर्मेट में छात्रों की जानकारी। {छात्रों की उपस्थिति का रिकॉर्ड। {सोसायटी, ट्रस्ट या कंपनी का रजिस्ट्रेशन। {नॉन प्रॉफिट कंपनी का शपथ पत्र। {सोसायटी के पदाधिकारियों की डिटेल। {एनसीटीई की पुरानी मान्यता का दस्तावेज।{वित्तीय वर्ष की बैलेंस शीट।