- Hindi News
- National
- Morena News Mp News Action Will Be Taken To Burn The Residue After Cutting Wheat
गेहूं काटने के बाद बचे अवशेष जलाने पर होगी कार्रवाई
कृषि उपसंचालक बोले- खेत में डंठल जलाने से नष्ट होती है जमीन की उर्वरा शक्ति
गेहूं काटने के बाद बचे हुए अवशेष (डूढ़/डंठल) जलाना खेती के लिये आत्मघाती कदम हो सकता है। इससे अन्य खेतों में आग लगने की संभावना रहती है, वहीं मिट्टी की उर्वरकता पर भी विपरीत असर पड़ता है। धुंए निकलने वाली कार्बन डाई आक्साइड से तापमान बढ़ता तथा प्रदूषण में वृद्धि होती है। अगर कोई किसान अपने खेत में अवशेष जलाता पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह चेतावनी उप संचालक कृषि पीसी पटेल ने जिले के किसानों को दी है। पटले ने बताया कि कोई भी किसान अपने खेत में नरवाई (डूढ़/डंठल) न जलाएं। क्योंकि जमीन में उर्वरक परत 6 इंच ऊपरी सतह पर ही होती है। जिसमें तरह-तरह के जीवाणु उपस्थित रहते हैं, जो खेती के लिए लाभदायक हैं। नरवाई जलाने से उत्पन्न उच्च तापमान में उपजाऊ मिट्टी कड़ी और जीवाणु रहित हो जाती है। जिससे जमीन धीरे-धीरे बंजरता की ओर बढ़ने लगती है।