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जेल में भाइयों से खुली मुलाकात न होने से गुस्साईं महिलाओं ने कलेक्टर बंगले के सामने किया चक्काजाम, बमुश्किल हटीं

एक वर्ष पहले
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जेल प्रबंधन ने जेल मंत्री का पत्र पढ़कर सुनाया

भाई दौज पर जेल में बंद कैदियों से खुली मुलाकात न होने से गुस्साई 200 से अधिक महिलाओं ने कलेक्टर बंगले के सामने एमएस रोड पर बुधवार की सुबह 11.30 बजे चक्काजाम कर दिया। महिलाओं का कहना था कि एक साल का त्योहार है, हमें भाईयों को टीका भी नहीं करने दिया जा रहा। तकरीबन आधा घंटे तक महिलाओं ने एमएस रोड पर चक्काजाम किया लेकिन न तो कोई अफसर आया न पुलिस फोर्स।

तकरीबन 12 बजे एसडीएम आरएस वाकना मौके पर आए तो उन्होंने महिलाओं को समझाने के बजाय उनसे अभद्रता शुरू कर दी। एसडीएम बाकना ने महिलाओं से सड़क से हटने के लिए कहा तो महिलाएं बोलीं- हमारी जेल में मिलाई कराओ। यह सुनते ही एसडीएम झल्ला गए और उन्होंने एक महिला से यहां तक कह दिया कि तेरा भाई अपराधी है और तू यहां गुंडागर्दी कर रही है। यह सुनते ही महिलाओं का आक्रोश फट पड़ा। उन्होंने एसडीएम को भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। तकरीबन आधा घंटे तक महिलाओं की एसडीएम के साथ झड़प चली तब कोतवाली में पदस्थ सब इंस्पेक्टर सेंथिया ने महिलाओं को समझा-बुझाकर जेल चलने के लिए कहा।

महिलाओं का आरोप: एसडीएम ने हमसे कहा- तेरा भाई मर गया, तू भी मर जा...


1. दूरस्थ गांव से आई सुशीला ने बताया कि हम जेल में भाइयों से मुलाकात की मांग को लेकर कलेक्टर बंगले पर पहुंचे थे। लाल बाल वाले (एसडीएम) ने हमसे कहा कि तेरा भाई मर गया, तू भी मर जा। सड़क से हट नहीं तो थाने में बंद करा दूंगा।

2. देवगढ़ थाना क्षेत्र स्थित नंदपुरा गांव से आई 10 की बच्ची काजल ने बताया कि वह बुधवार को सुबह अपने दादा भारत सिंह सिकरवार के साथ जेल में बंद अपने अंकल नीरज सिकरवार से मिलने आई थी। नियम के अनुसार हम सुबह 8.30 बजे जिला जेल के गेट पर पहुंच गए, लेकिन जेलर अंकल ने यह कहकर भगा दिया कि मुलाकात करने का नियम बंद हो गया है।

3. मेरा देवर अर्जुन कई दिनों से जेल में बंद है। बुधवार को भाई दौज होने के कारण मैं अर्जुन की बहिन रेनू (जो गोवा से मुरैना आई है) को साथ लेकर जिला जेल आई थी। सुबह 9 बजे पहुंचने के बाद भी जेलर ने यह कहकर भगा दिया कि त्यौहार के दिन मुलाकात कराने का प्रावधान शासन स्तर पर बंद कर दिया गया है।

एसडीएम बोले- तुम्हारे भाई अपराधी, तुम भी कर रही हो गुंडागर्दी तो भड़की महिलाएं, जेल पर भी हंगामा

शासन ने ही बंद कर दी है खुली मुलाकात

प्रियंका दास, कलेक्टर

जेलर बोले-ऊपर से आए हैं आदेश, हम क्या करें

चक्काजाम के बाद महिलाओं से एसडीएम आरएस वाकना बोले कि हम आपकी जेल में मिलाई कराते हैं। इस आश्वासन पर सभी महिलाएं जेल पर पहुंच गईं। एसडीएम बाकना सीधे जेल के अंदर चले और उन्होंने जेलर शुक्ला को बाहर भेजा। जेलर ने जेल मंत्री बाला बच्चन द्वारा जारी वह पत्र पढ़कर महिलाओं को सुनाया, जिसमें दौज पर जेल में खुली मुलाकात पर रोक लगाई गई है। इस दौरान गुस्साई महिलाओं ने उनसे कहा कि सालभर का त्योहार है। हम दूर-दराज से अपने भाईयों से मिलने आए हैं यह तो हमारे साथ अन्याय है। लेकिन जेल प्रबंधन ने उनसे कह दिया कि सामान्य इंटरकॉम के जरिए ही मुलाकात करा सकेंगे। इससे नाराज होकर कई महिलाएं बिना मिले ही लौट गईं।

200 से अधिक महिलाएं एमएस रोड पर बैठीं आधा घंटे ट्रैफिक जाम से वाहनों की कतार

200 महिलाओं के एक साथ सड़क पर बैठने से कलेक्टोरेट से बैरियर जाने वाला रोड पूरी तरह से ब्लॉक हो गया। आधा घंटे तक सैकड़ों ई-रिक्शा, कार, दो पहिया वाहन ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। इस दौरान महिलाओं के साथ कुछ वाहन चालकों की कहासुनी भी हुई।

इंटरकॉम से 5 मिनट की मुलाकात... कांच के आरपार देखा चेहरा, फोन पर की बात

जेल में बंद कैदियों से खुली मुलाकात एक साल से बंद है। जेल मैनुअल के नए प्रावधान के मुताबिक अब कैदियों को इंटरकॉम के जरिए परिजन सेे मुलाकात कराई जाती है। मुलाकात के दौरान परिजन व कैदी के बीच में कांच की दीवार होती है जहां वे एक-दूसरे के चेहरा देखते हुए टेलीफोन से पांच मिनट तक घर परिवार के हालातों पर चर्चा करते हैं। हालांकि इससे महिलाएं संतुष्ट नजर नहीं आईं।

चक्काजाम कर रहीं महिलाओं को फटकारते एसडीएम।

कैदियों से मुलाकात न होने पर गुस्साई महिलाएं एमएस रोड पर रास्ता बंद कर खड़ी हो गईं।
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