पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Morena News Mp News Now Minority College Students Will Not Be Able To Collect Fees As Per Their Wish

अब अल्पसंख्यक कॉलेज छात्रों से मनमर्जी से नहीं वसूल सकेंगे फीस

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

अल्पसंख्यक कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों से उनका प्रबंधन मनमर्जी की फीस नहीं ले सकेगा। इसलिए उनकी फीस एडमिशन एंड फी रेगुलेटरी कमेटी (एएफआरसी) द्वारा ही तय की जाएगी। अल्पसंख्यक कॉलेजों में संचालित प्रोफेशनल कोर्स की फीस एएफआरसी द्वारा तय करने के आदेश के खिलाफ अल्पसंख्यक कॉलेज संचालित करने वाली एक संस्था ने अपीलीय अथॉरिटी के समक्ष अपील की थी जिसे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आलोक वर्मा ने खारिज कर दिया और एएफआरसी के आदेश को बरकरार रखा है।

नएआदेश में में अल्पसंख्यक काॅलेजों में संचालित होने वाले प्रोफेशनल कोर्स की फीस तय करने का अधिकार एएफआरसी के क्षेत्राधिकार में बताया गया है। अपीलीय अथॉरिटी ने इस संबंध में आदेश भी जारी किया है।अल्पसंख्यक कॉलेज संचालित करने वाली संस्थाओं द्वारा एएफआरसी में आवेदन किए जा रहे हैं कि उनके द्वारा तय की गई फीस को एएफआरसी मान्य करे, लेकिन एएफआरसी द्वारा इससे इनकार किया जा रहा है। ऐसे में आइकन एजुकेशन सोसायटी द्वारा एएफआरसी में आवेदन देकर कहा गया कि वह अल्पसंख्यक श्रेणी में आते हैं, इसलिए उनकी फीस एएफआरसी तय नहीं करेगा। अल्पसंख्यक कॉलेजों को सुप्रीम कोर्ट से छूट मिली हुई है। मुरैना में अल्पसंख्यक कॉलेजों के तहत नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं, लेकिन एएफआरसी की ओर से सुनवाई के दौरान सचिव डॉ. आलोक चौबे ने कहा कि गैर अनुदान प्राप्त संस्थाओं द्वारा संचालित प्रोफेशनल कोर्स की फीस तय करना उनके क्षेत्राधिकारी में आता है। यह पूरा मामला कैपिटेशन फीस से जुड़ा है। सभी खर्चें जिसमें ग्रोथ, डेवलपमेंट और महंगाई आदि के ऊपर ली जाने वाली फीस केपीटेशन फीस की श्रेणी में आती है। अल्पसंख्यक कॉलेजों के छात्रों पर कैपिटेशन फीस का बोझ नहीं पढ़े, इसलिए एएफआरसी इनकी फीस तय करती है।

खबरें और भी हैं...