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अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन खत्म बाजार से पैसों से खरीद रहे लोग

एक वर्ष पहले
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सिविल अस्पताल में पिछले करीब एक सप्ताह से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं है। इससे यहां पर आने वाले मरीजों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कुत्ता काटने के शिकार हो रहे मरीजों को बाहर से इंजेक्शन खरीदना पड़ा रहा है। एंटी रेबीज इंजेक्शन बाजार से मंहगे दाम में मिलने के कारण गरीब मरीज इंजेक्शन नहीं लगवा पा रहे हैं।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार सिविल अस्पताल में कुत्ता काटने के हर दिन करीब 6 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म होने से कुत्ता काटने के शिकार मरीजों को केवट टिटनेस का इंजेक्शन लगाकर एंटी रेबीज इंजेक्शन बाहर से यानी बाजार से लगवाए जाने की सलाह दी जा रही है। गुरूवार काे सबलगढ़ अस्पताल में आए मरीज रवि पुत्र उमाचरण गोयल निवासी कुंड रोड सबलगढ़, सुरेंद्र पुत्र कप्तान सिंह रावत निवासी भियाना, सुरेश पुत्र प्यारेलाल कुशवाह निवासी मेवरा, सोमवीर पुत्र रोशन लाल जाटव निवासी गौहर, सुंदर पुत्र भागीरथ माहौर निवासी बेनीपुरा सबलगढ़ ने बताया कि यह सभी कुत्ते के काटने से उपचार के लिए अस्पताल में पिछले तीन से चार दिन लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन ना होने इसके वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बता दें किसी व्यक्ति को कुत्ता काटने पर उसे एंटी रैबीज के पांच इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं। पांच इंजेक्शनों का ही पूरा डोज होता है। अस्पताल में यह इंजेक्शन पूरी तरह से नि:शुल्क लगाया जाता है, जबकि बाजार में इसकी कीमत करीब 330 रुपए प्रति इंजेक्शन मुहैया हो रही है। यानि एक व्यक्ति के लिए एंटी रैबीज के इंजेक्शन का पूरा डोज करीब 1650 रुपए में खरीदना पड़ता है

पिछले दो दिनों से एंटी रेबीज इंजेक्शन का स्टाॅक खत्म

पिछले दो दिनों से एंटी रेबीज इंजेक्शन का स्टाक खत्म हुआ है, इसकी जानकारी दी जा चुकी है। आज या कल तक एंटी रेबीज इंजेक्शन अस्पताल पहुंचने की उम्मीद है। हमारे यहां बीरपुर, विजयपुर कैलारस, सबलगढ़ से भी मरीज आ रहे हैं, मरीजों की संख्या अधिक है लेकिन मांग अनुसार रेबीज इंजेक्शन नहीं मिल पाते हैं।
एमपी गुप्ता, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर
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