235 स्कूलाें में शिक्षकों की कमी, असर... 9 स्कूलों का रिजल्ट 30% से भी कम, सिर्फ 43 का 80% से अधिक

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 08:36 AM IST

Murena News - इस साल बोर्ड परीक्षा परिणाम 2018 के मुकाबले सुधरा है लेकिन प्रतिशत की बात करें तो हायर सेकंडरी में सिर्फ 60.04 प्रतिशत...

Morena News - mp news the lack of teachers in 235 schools the impact 9 schools result in less than 30 more than 80 of 43
इस साल बोर्ड परीक्षा परिणाम 2018 के मुकाबले सुधरा है लेकिन प्रतिशत की बात करें तो हायर सेकंडरी में सिर्फ 60.04 प्रतिशत छात्र और हाईस्कूल में सिर्फ 46.32 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए। भले ही पिछले वर्ष के मुकाबले रिजल्ट सुधरा हो लेकिन ओवरऑल परफॉरमेंस औसत से भी कम रही। आंकड़ों की बात करें तो जिलेभर में 235 हायर सेकंडरी व हाईस्कूल हैं, इनमें से सिर्फ 43 स्कूल ऐसे हैं, जिनका परिणाम 80 प्रतिशत से ऊपर गया। 9 स्कूलों का रिजल्ट तो 30 प्रतिशत से भी कम रहा। इसके पीछे वजह सिर्फ एक है सरकारी स्कूलों में टीचिंग स्टाफ की कमी क्योंकि जिन 9 स्कूलों का रिजल्ट 30 प्रतिशत से कम रहा, वहां सत्र के अंतिम महीनों में शिक्षक पदस्थ हुए। इस संबंध में डीईओ सुभाषचंद्र शर्मा का कहना है कि पिछले वर्ष 15 स्कूलों का रिजल्ट प्रतिशत 30 से कम रहा था, इस बार यह संख्या 9 के करीब है। हम स्कूलवार समीक्षा कर रहे हैं। शिक्षक नहीं थे तो अतिथि शिक्षकों से पढ़ाई क्यों नहीं कराई गई। इस मामले में संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों, खासकर शा. एमएलबी कन्या स्कूल नंबर-1 को नोटिस जारी करेंगे। जिन स्कूलों का रिजल्ट 100 प्रतिशत से अधिक रहा, उन्हें शिक्षक दिवस पर सम्मानित कराएंगे।

इस साल हायर सेकंडरी में 23 हजार 41 छात्र शामिल हुए। इनमें से 13 हजार 695 छात्र ही पास हुए। हाईस्कूल में 27 हजार 104 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, इनमें से 15 हजार 145 हजार (56.32%) छात्र पास हुए। जिलेभर में 165 हायर सेकंडरी स्कूल व 70 हाईस्कूल के छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इन स्कूलों में शहर में संचालित शा. एमएलबी गर्ल्स नंबर 1 स्कूल का परफॉरमेंस सबसे खराब रहा। इस स्कूल का रिजल्ट 20.15 प्रतिशत रहा, जो उम्मीद से बिल्कुल खराब है। इस स्कूल के 137 में से 98 बच्चे फेल हो गए। इसी प्रकार शा. हाईस्कूल कसमढ़ा का रिजल्ट भी 27.62 प्रतिशत रहा। यहां दर्ज 105 में से सिर्फ 29 बच्चे पास हो सके।

इन स्कूलों का रिजल्ट 30% से भी कम

स्कूल छात्र पास प्रतिशत

शा. हासे, खांड़ौली मुरैना 03 00 00.00

शा. हाईस्कूल, छौंदा 14 02 14.29

एमएलबी स्कूल नं.1, मुरैना 137 27 20.15

शा. हाईस्कूल, नंदगांगौली 43 09 20.93

शा. हाईस्कूल बनवारा 27 07 25.93

शा. हाईस्कूल, कसमढ़ा 105 29 27.62

शा. हाईस्कूल, गोल्हारी 43 12 27.91

शा. हाईस्कूल, नगरा 77 22 28.57

शा. हाईस्कूल, कौंथरकलां 20 06 30.00

इन 2 स्कूलों से समझिए, स्टाफ-संसाधन के बाद भी बिगड़ गया रिजल्ट

1. शा. एमएलबी कन्या स्कूल नंबर-01: शहर में संचालित एमएलबी स्कूल नंबर 1 में हाईस्कूल में दर्ज 137 में से सिर्फ 27 छात्राएं पास हुईं। इस स्कूल में सोशल साइंस, अंग्रेजी के तीन-तीन शिक्षकों के पद रिक्त रहे। हालांकि इनकी जगह पर अतिथि शिक्षक रखे गए थे। प्राचार्य दौनेरिया ने बताया कि अक्टूबर-नवंबर में सोशल साइंस के शिक्षक श्रीनिवास शर्मा व अंग्रेजी के शिक्षक रामवीर शर्मा व ममता जैन पदस्थ हुई थीं। इन अध्यापकों ने छह माह में भी कोर्स कवर नहीं किया।

इन स्कूलों का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा

स्कूल छात्र पास प्रतिशत

एक्सीलेंस स्कूल, मुरैना 221 221 100

एसएमडीएस स्कूल, पोरसा 54 54 100

डिवी. आवा. हाईस्कूल, मुरैना 34 34 100

शा. हाईस्कूल, बिरहरुआ 05 05 100

शा. हाईस्कूल, रिठौराकलां 68 68 100

एसएमडीएस स्कूल, पोरसा 37 37 100

शा. हासे स्कूल, महुआ 17 17 100

शा. हाईस्कूल, परसोंटा 12 12 100

डिवीजनल आवा. हासे स्कूल 07 07 100

2. शा. हाईस्कूल कसमढ़ा, मुरैना: हाईस्कूल कसमढ़ा का रिजल्ट 27.62 प्रतिशत रहा। इस स्कूल के 105 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए जबकि पास सिर्फ 29 हो सके। प्राचार्य राजेंद्र तोमर ने बताया कि हाईस्कूल में अध्यापक के 7 पद खाली हैं। अंग्रेजी विषय का कोई अध्यापक ही नहीं था। अतिथि शिक्षकों को पदस्थ किया लेकिन कुछ कमियां हमारे टीचिंग स्टाफ की रही, कुछ ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी पढ़ाई में रुचि नहीं लेते।

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