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चंबल से रेत उत्खनन रोकने हाईवे पर स्थायी चेकिंग प्वाइंट दो सीसीटीवी कैमरे लगाए, पर माफिया ने बना लिए नए रास्ते

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 03:56 AM IST

Murena News - जेल रोड से होकर बाजार की ओर जाती रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली। पांच महीने से नहीं हुई टास्क फोर्स समिति की बैठक,...

Morena News - mp news two permanent cctv cameras installed on the highway to stop sand excavation from chambal but mafia has created new roads
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जेल रोड से होकर बाजार की ओर जाती रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली।

पांच महीने से नहीं हुई टास्क फोर्स समिति की बैठक, अन्यथा होती प्रभावी कार्रवाई

भास्कर संवाददाता | मुरैना

चंबल नदी से रेत का उत्खनन रोकने के लिए वन विभाग के तमाम प्रयास माफिया के आगे विफल हो रहे हैं। हाईवे पर 24 घंटे चेकिंग प्वाइंट व सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से राजघाट से शहर की ओर आने वाले रेत से भरे वाहनों की संख्या घटी है, लेकिन माफिया ने अपने वाहन निकालने के लिए नए रास्ते खोज लिए हैं। वहीं राजघाट पर सख्ती के बाद सबलगढ़, देवगढ़, अंबाह-पोरसा इलाकों में रेत का उत्खनन तेज हो गया है। हालांकि इस कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए वन विभाग ने सरकारी डंपर व जेसीबी की मदद से रेत के वाहनों की धरपकड़ शुरू कर दी है ताकि रेत माफिया के हमले को रोका जा सके।

वन विभाग ने 28 जनवरी से आगरा-मुंबई हाईवे पर देवरी गांव पर स्थायी चेकिंग प्वाइंट लगाया है। 25-25 जवानों की टुकड़ी यहां लगातार गश्त कर रही है। इस टुकड़ी में 15 जवान वन विभाग और 10 जवान एसएएफ के तैनात किए गए हैं। 15 दिन की कार्रवाई में तकरीबन 10-12 रेत के वाहनों की धरपकड़ भी हुई है। वनमंडलाधिकारी पीडी गेब्रियल खुद रात के वक्त इस गश्ती दल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस सख्ती के बाद अब माफिया ने ग्रामीण क्षेत्र से शहर की ओर आने वाले नए रास्ते बना लिए हैं। अब रेत के ट्रैक्टर-ट्रॉली इन्हीं रास्तों से शहर तक लाए जा रहे हैं।

तैयारी: रेत माफिया का हमला रोकने डंपर व जेसीबी का प्रयोग, 28 फरवरी से अब तक पकड़े रेत से भरे 10-12 वाहन

दावा: अवैध मंडी हटाई, बायपास तक आने वाले रेत के वाहन रुके

इधर... पुलिस सुस्त, थाने के सामने से निकल रहे वाहन

रेत उत्खनन रोकने के लिए जितने प्रयास वन विभाग कर रहा है, अगर इसमें पुलिस का सहयोग मिले तो शायद माफिया की कमर टूट जाए। नई सरकार के गठन के बाद तो पुलिस ने रेत उत्खनन के प्रति पूरी तरह से आंखें बंद कर ली हैं। हालात यह हैं कि सरायछौला, दिमनी, नगरा, देवगढ़ थानों के सामने से रोज रेत के वाहन निकल रहे हैं लेकिन पुलिसकर्मियों ने चेकिंग प्वाइंट लगाना तो दूर किसी भी वाहन को रोकना तक मुनासिब नहीं समझते।

इन इलाकों से हो रहा अवैध रेत उत्खनन सबलगढ़ क्षेत्र में अटार घाट, रहू घाट, ब्याहना (अलीपुरा), बरोठा, कैमराकलां, करजौनी, भर्रा, बकेश्वर, पहाड़पुरा, दिमनी क्षेत्र में ऐसाह, कुथियाना, भगपुरा, बरेथा, मृगपुरा, उसैद घाट, चुसलई, नगरा, बलजीत का पुरा, साहसपुरा, खुर्द, नगरा घाट, देवगढ़ क्षेत्र में गुढ़ा चंबल, खुलावली, खुर्द रायपुर, भूमिया, नगरा भदावली इलाकों में रेत माफिया के पसंदीदा इलाके हैं क्योंकि दूरस्थ इलाकों में वन विभाग नियमित कार्रवाई नहीं कर पाता और पुलिस से उनकी सांठगांठ रहती है। हालांकि हाल ही में वन विभाग, माइनिंग व पुलिस ने पोरसा इलाके के घाटों पर रास्तों को जेसीबी से खोद दिया था जिसकी वजह से अवैध रेत उत्खनन में यहां कुछ कमी आई है।

वन विभाग के इस प्रयोग के बाद डीएफओ पीडी गेब्रियल का दावा है कि बिस्मिल नगर व अंबाह बायपास तक आने वाले रेत के वाहन पूरी तरह से बंद हो गए हैं। अंबाह-पोरसा की ओर से आने वाले वाहनों को रोकने भी चेकिंग प्वाइंट तैयार किया जा रहा है। हालांकि अभी बायपास रोड बन रही है, इसलिए अभी अस्थायी चेकिंग प्वाइंट लगाया गया है।

नदी किनारे व माफिया के रास्ते खुदवाने की तैयारी: वन विभाग अपनी कार्रवाई को और सख्त करने के लिए अब नदी किनारे स्थित घाटों की ओर जाने वाले रास्तों व ग्रामीण क्षेत्र के रास्तों को जेसीबी मशीन से खुदवाया जाएगा ताकि माफिया के रास्ते बंद हो जाएं।

रेत माफिया के हमले रोकने सरकारी डंपर व जेसीबी तैनात

रेत माफिया से निपटने के लिए इस बार डीएफओ ने नया प्रयोग किया है। हाईवे पर चेकिंग के दौरान रेत माफिया अफसरों व जवानों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ाने का प्रयास करता है। इससे बचने के लिए एक सरकारी डंपर व जेसीबी भी तैनात की गई है ताकि अगर रेत माफिया वाहनों को तेज गति से लेकर आए तो उनके सामने डंपर अड़ाकर खड़ा कर दिया जा सके। वहीं जेसीबी की मदद से उन्हें रोका जा सके।

5 माह से नहीं हुई टास्क फोर्स की बैठक, एसपी की अनुपस्थिति से फिर टली

रेत का अवैध उत्खनन रोकने के लिए गठित टास्क फोर्स समिति की बैठक हर माह होनी चाहिए, लेकिन आखिरी बैठक 10 सितंबर को हुई थी। इसके पांच माह बाद 8 फरवरी को बैठक रखी गई थी। कलेक्टर प्रियंका दास व वनमंडलाधिकारी पीडी गेब्रियल तो बैठक में पहुंच गए, लेकिन एसपी रियाज इकबाल के नहीं आने की वजह से बैठक स्थगित करनी पड़ी।

बरही घाट व अल्लाबेली पर तैनात एसएएफ जवान वापस बुलाए

हाईकोर्ट के निर्देश पर चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए एसएएफ के 120 जवानों की टुकड़ी भी हाईवे स्थित चेकिंग प्वाइंट पर तैनात की गई है। अभी बरही घाट व अल्लाबेली चौकी पर जो एसएएफ की टुकड़ी तैनात थी, उसे भी देवरी स्थित चेकिंग प्वाइंट पर तैनात किया गया है क्योंकि वहां पर यह टुकड़ी रेत के वाहन रोकने में प्रभावी साबित नहीं हो रही थी।

रेत उत्खनन रोकना हमारी प्राथमिकता


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