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निर्मल पंचायत अलापुर के ग्रामीणों को एक किमी दूर हैंडपंप से ढोकर लाना पड़ रहा पानी

2 वर्ष पहले
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कस्बे से सटी निर्मल ग्राम पंचायत का दर्जा प्राप्त 12 हजार की आबादी वाले गांव अलापुर के ग्रामीण आज भी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। पानी की आपूर्ति के लिए गांव की 50 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण, महिलाओं व बच्चों सहित सुबह-सुबह होते ही 1 किमी दूर स्थित नर्सरी के पास लगे हैंडपंप पर पानी आपूर्ति के लिए जद्दोजहद करते नजर आते हैं। ग्रामीण हाथठेला, साइकिल, रिक्शा व सिर पर पानी के भरे बर्तनों के साथ पानी का परिवहन करते आ रहे हैं। गांव में व्याप्त पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिम्मेदार स्थानीय अधिकारियों से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक समस्या के हल करने के लिए सैकड़ों बार लिखित शिकायतें की। ज्ञात रहे कि समस्या का स्थाई हल आज तक भी नहीं हो पाया है। निर्मल ग्राम पंचायत का दर्जा प्राप्त अलापुर गांव के निवासी पानी की समस्या के साथ-साथ गांव में नियमित साफ सफाई ना होने के चलते गंदगी से जूझते चले आ रहे हैं।

वर्ष 2013 में 21 अप्रैल को जौरा कृषि उपज मंडी प्रांगण में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के आगमन को लेकर पीएचई विभाग के अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष अलापुर की पेयजल समस्या की शिकायत के भय से 3 दिन के लिए नलजल योजना को पुन: दुरुस्त कर पानी की सप्लाई शुरू कराई गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री के जाने के बाद दूसरे दिन ही पीएचई के जिम्मेदार अधिकारियों ने नलजल योजना को शुरू करने के लिए बोर खनन में डलवाई गई मोटर ओर केवल को निकालकर पुन: समस्या को उसी हाल में पहुंचाकर ग्रामीणों के साथ छलावा किया गया।

नर्सरी के पास लगे हैंडपंप से पानी भरते ग्रामीण।

6 हजार लोगों को हैंडपंप से ढोकर लाना पड़ रहा पानी

वर्तमान में आलापुर गांव के आधे हिस्से में पाइप लाइन ना होने के कारण 6 हजार से अधिक ग्रामीणों को गांव से दूर हैंडपंप से पानी का परिवहन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। क्योंकि गांव में लगे हैंडपंप में पानी खारा आता है जो पीने योग्य नहीं है। गांव में लगी पानी की टंकी से मात्र आधे ही घरों में पानी की सप्लाई की जाती है। ग्रामीणों की मानें तो यह सप्लाई भी नियमित ना होकर महीने में महज 15 से 20 दिन ही नलों से की जाती है।

नियमित नहीं हो रही सफाई, सड़कों पर भर रहा पानी

ग्रामीणों की मानें तो लंबे समय से गांव में नियमित साफ-सफाई ना होने के कारण नालियों का पानी गांव की सड़कों व मुहल्लों तक पहुंचता जाता है। गंदगी व जल भराव के कारण गांव में कई बार बीमारियां भी फैल चुकी है। जिससे कई लोग अस्पताल में भर्ती भी रह चुके हैं। सफाई करने के लिए कई बार ग्रामीणों ने पंचायत पदाधिकारियों से मांग की, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि निर्मल पंचायत होने के कारण साफ-सफाई के लिए अलग से बजट आता है।

कुछ दिनों पहले ही किया है ज्वाइन, जानकारी लेता हूं

मैंने कुछ ही दिनों पहले जनपद पंचायत का चार्ज लिया है। अलापुर गांव में पानी की समस्या है। इसकी जानकारी मुझे नहीं हैं। फिर भी जानकारी करता हूं। उसके बाद समस्या का हल कराया जाएगा। आरके गौड, सीईओ जनपद पंचायत जौरा

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