--Advertisement--

लोक अदालत पारिवारिक विवाद के तीन मामलों में कराया समझौता 197 प्रकरणों का निराकरण 2.66 करोड़ का अवार्ड पारित

Murena News - रितु-दीपू की शादी में वर-वधु पक्ष के बीच कुछ ऐसी अनबन हुई कि बाबुल नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपनी बेटी को चार महीने...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 03:56 AM IST
Morena News - passage of compromise 197 episodes in the three cases of family court disputes rs 266 crore passed
रितु-दीपू की शादी में वर-वधु पक्ष के बीच कुछ ऐसी अनबन हुई कि बाबुल नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपनी बेटी को चार महीने मायके में रोक लिया। मामला कुटुम्ब न्यायालय तक पहुंचा। बेटी अदालत आई तो पति से मिलने के बाद उनके साथ ससुराल जाने को राजी हो गई। शनिवार को लोक अदालत में यह पारिवारिक विवाद दोनों पक्षों की सहमति से सुलझ गया।

कु्टुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश केजी सुरेखा व ज्यूरी सदस्य परिमाल सिंह शिवहरे व कृतिका श्रोत्रिय के समक्ष राम नगर की रहने वाली रितु पुत्री नरेन्द्र सिंह तोमर 23 व हुसैनपुर के रहने वाले दीपू पुत्र उदयसिंह सिकरवार 26 ने कहा कि वह दोनों साथ-साथ रहने को राजी हैं इसलिए उनके वाद को समाप्त किया जाए। इस मामले में रितु ने पिता के कहने पर 27 जून 2018 को कुटुम्ब न्यायालय में वाद दायर किया था कि दहेज में नकद एक लाख रुपए व एक बाइक की मांग को लेकर पति ने उसे 10 फरवरी 2018 को मार-पीटकर घर से निकाल दिया है। रितु ने बताया कि 16 अप्रैल 2016 को शादी के दौरान उसके पिता व वर पक्ष के लोगों से अनबन हो गई थी। इसके चलते पति ने उसे लंबे समय तक मायके नहीं भेजा तो मामला कोर्ट तक जा पहुंचा। मैं पेशी पर आई तो पिता मुझे मायके ले गए। फिर पिता ने मुझे ससुराल नहीं भेजा। लेकिन मेरा पति मुझे बहुत चाहता है। दीपू ने कहा कि पति-प|ी के बीच तो कभी विवाद रहा ही नहीं।

वहीं 197 प्रकरणों के निराकरण से 1100 पक्षकार हुए लाभान्वित, मिला 2.66 करोड़ का अवार्ड पारित किया गया।

शादी में हुई अनबन के बाद पिता ने बेटी को चार महीने नहीं भेजा ससुराल, अदालत में प|ी बोली- मैं तो पति संग जाऊंगी

सिगरेट से जलाया, चाकुओं से गोदा लेकिन पति, परमेश्वर है

पति, परमेश्वर होता है, इसलिए मैं उन सब बातों को भूल गई जो मेरे साथ घटीं। लोक अदालत के समक्ष पति शैलेन्द्र बरेलिया मुझे खुशी-खुशी अपने साथ रखने को सहमत हैं तो मैं उनके साथ ससुराल जा रही हूं। इस प्रसन्नता का इजहार प्रीति-सोनू सेमिल ने समझौता के बाद किया। इस मामले में प्रीति ने कुटुम्ब न्यायालय में वाद दायर किया था कि एक मई 2014 को उनकी शादी हुई थी। आठ-नौ महीने तक तो ससुराल में उसे ठीक से रखा गया लेकिन बाद में जेठानी अनीता के कहने पर 24 मार्च 2016 को पति ने उसे पीटा, सिगरेट से दागा, चाकू से चोट पहुंचाई। नौ अप्रैल 2016 को जेठानी ने बाल पकड़कर पीटा। लेकिन मैं इस सबको भूलकर अपने घर जा रही हूं।

लक्ष्मण बोला अब कभी नहीं पीटूंगा, आरती बोली चलो घर

कुटुम्ब न्यायालय में आरती व लक्ष्मण जाटव के बीच का विवाद भी ज्यूरी की पहल पर सुलह में तब्दील हो गया। पांच साल पहले दोनों की शादी हुई थी। आरती ने बताया कि एक दिन देवरानी नीतू ने नहाने को लेकर मुझसे विवाद कर दिया। मैंने पति से शिकायत की तो पति ने मुझे से मारपीट कर घर से भगा दिया। लेकिन मैं अब मायके में नहीं पति के संग रहना चाहती हूं। लक्ष्मण ने वादा किया कि अब वह कभी भी अारती से अभद्रता नहीं करेगा।

Morena News - passage of compromise 197 episodes in the three cases of family court disputes rs 266 crore passed
X
Morena News - passage of compromise 197 episodes in the three cases of family court disputes rs 266 crore passed
Morena News - passage of compromise 197 episodes in the three cases of family court disputes rs 266 crore passed
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..