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अभयारण्य विकास के लिए देने होंगे 15 करोड़ रु. तब मिलेगी चंबल में काम करने की अनुमति

वन विभाग को देने के लिए नगर निगम के पास यह राशि भी उपलब्ध नहीं हैं भास्कर संवाददाता | मुरैना चंबल से पानी लाने...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 03:25 AM IST
वन विभाग को देने के लिए नगर निगम के पास यह राशि भी उपलब्ध नहीं हैं

भास्कर संवाददाता | मुरैना

चंबल से पानी लाने की योजना में आए दिन कोई ना कोई रोडा सामने आ रहा है। अब वन विभाग ने 315 करोड़ रुपए का शुल्क जमा कराने की मांग नगर निगम से की है। लेकिन निगम के पास देने के लिए यह राशि भी नहीं है। जब तक पैसा अदा नहींं किया जाएगा तब तक अभयारण्य क्षेत्र में इंटेकवेल बनाने व पाइप लाइन बिछाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

वाटर प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराने के लिए नगर निगम को परियोजना लागत का दो फीसदी सरचार्ज वन विभाग को देना होगा । इस राशि से चंबल अभयारण्य क्षेत्र का विकास कराए जाने का प्रावधान है। चूंकि वाटर प्रोजेक्ट 280 करोड़ रुपए का है इस मान से नगर निगम को सरचार्ज के लिए लगभग 15 करोड़ रुपए की राशि देना होगी। यह राशि नगर निगम के पास नही हे इसलिए निगम ने कंसलटेंट से कहकर सरचार्ज की राशि को भी चंबल वाटर प्रोजेक्ट की संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में शामिल करा दिया है। विश्व बैंक वाटर प्रोजेक्ट के लिए जब नगर निगम को उक्त राशि की स्वीकृति प्रदान करेगी तब नगर निगम सरचार्ज जमा कराए जाने की स्थिति में आएगा।

सरचार्ज देने के बाद ही निर्माण एजेंसी चंबल अभयारण्य क्षेत्र में इंटेकवेल का निर्माण कराने से लेकर पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हो सकेगा। यह प्रोजेक्ट दाे महीने पहले विश्व बैंक ने मंजूर कर दिया है लेकिन मप्र शहरी विकास अधोसंरचना विभाग ने अभी तक चंबल वाटर प्रोजेक्ट के टेंडर जारी नहीं किए हैं। इस कारण 2018 में भी इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की स्थिति नहीं बन पा रही है।