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अस्पताल की दुकानों की नीलामी आज, किराए से निकालेंगे सोनोग्राफी व डायलिसिस का खर्च

अस्पताल प्रबंधन सरकारी अस्पताल के बाहर तैयार विभाग की दोनों दुकानों की नीलामी गुरुवार को करेगा। दोपहर 2 बजे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:10 AM IST

अस्पताल प्रबंधन सरकारी अस्पताल के बाहर तैयार विभाग की दोनों दुकानों की नीलामी गुरुवार को करेगा। दोपहर 2 बजे अस्पताल में नीलामी की शुरुआत 11 लाख रुपए से होगी। दुकानों का मासिक किराया 1 हजार रुपए होगा। दुकानों की साइज 10x12 है। आज होने वाली दुकानों की नीलामी में काफी व्यापारियों के पहुंचने की संभावना है। क्योंकि दोनों दुकान लोकेशन पर है। साथ ही इनका किराया भी न्यूनतम ही है।

बीएमओ डॉ. संजीव कुमरावत ने बताया किराए व नीलामी के पैसे से मशीनों का खर्च निकालेंगे। अभी रोगी कल्याण समिति के पास भी पर्याप्त फंड नहीं है। ऐसे में इस राशि से समिति का फंड भी मैंटेन करेंगे। साथ ही अस्पताल का पिछला गेट पूरी तरह से बंद कर दिया है। यहां इतनी जगह तो है कि कुछ दुकानें और निकल सकती हैं। ऐसे में अगर फंड पर्याप्त जमा हो जाता है तो भविष्य में यहां और दुकानें निकाल सकते हैं।

पर्याप्त फंड नहीं होने से निकाला रास्ता, मरीजों को मिलेंगी सुविधाएं

तीन जगह उपयोग होगा रुपया

मरीजों की सुविधा के लिए लैंक्सेस ने सीएसआर फंड से अस्पताल को डायलिसिस मशीन डोनेट की है। फिलहाल मशीन का संचालन दानदाताओं के पैसे से हो रहा है। मरीजों की डायलिसिस नि:शुल्क की जाती है। जबकि टेक्नीशियन का वेतन सहित अन्य खर्च में दान का पैसा लगता है। अभी दान का पैसा भी खत्म हो गया है। ऐसे में भविष्य में डायलिसिस करने के मरीजों से नॉमिनल शुल्क लेंगे। साथ ही दुकान से मिलने वाला पैसा इसमें लगाएंगे।

लैंक्सेस ने ही अस्पताल को सोनोग्राफी मशीन भी डोनेट की है। हालांकि प्रबंधन ने अभी मशीन शुरू नहीं की है। न्यूनतम शुल्क 100 रुपए में केवल गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी किया जाना तय हुआ है। इतने कम पैसों में मशीन के मैंटेनेंस का खर्च नहीं निकल पाएगा। इसलिए दोनों दुकानों की राशि का कुछ हिस्सा मशीन के मैंटेनेंस व अन्य खर्च में लगाया जाएगा।

अस्पताल के पीछे यानी पोस्टमार्टम रूम के सामने फिलहाल प्रसूताओं के लिए हॉल का काम चल रहा है। हॉल बनने के बाद वर्तमान प्रसूता रूप को तोड़कर वहां आईसीयू बनना है। ऐसे में आईसीयू निर्माण में भी दुकान से मिलने वाला पैसा लगाया जाएगा।

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