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किस्तों के भुगतान के पहले जांच भी करना होती है अधिकारी मौके पर गए तो कैसे हो गया फर्जीवाड़ा

प्रधानमंत्री आवास योजना में एक ही परिवार को दोहरा लाभ देने का मामला नपा परिषद के गले की हड्डी बन गया है। मंगलवार को...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:35 AM IST
प्रधानमंत्री आवास योजना में एक ही परिवार को दोहरा लाभ देने का मामला नपा परिषद के गले की हड्डी बन गया है। मंगलवार को दैनिक भास्कर में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद नपा सीएमओ भविष्यकुमार खोबरागड़े ने योजना का काम देख रहे अधिकारियों से जवाब मांगा है। सीएमओ ने पूछा है कि हितग्राहियों को किस्त के भुगतान से पहले मौके पर कितना निर्माण हुआ है, इसका निरीक्षण कर सत्यापन करना होता है। जिओ टैगिंग की भी व्यवस्था है। बावजूद एक ही परिवार के पति-प|ी को किस तरह 4 लाख 90 हजार की राशि जारी की गई है। या तो अधिकारी मौके पर गए नहीं, अथवा इस फर्जीवाड़े में उन लोगों की भी मिलीभगत है। हर जिओ टैगिंग डाटा की वे जांच करा रहे हैं। इसमें जरा भी चूक मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर कराई जाएगी।

मामला शहर के मेहतवास क्षेत्र के वार्ड 35 का है। यहां के एक ही परिवार के मेहतवास निवासी पूरालाल पिता भागीरथ को आवास योजना में एक बार ही ढाई लाख रु. का अनुदान दिया जा सकता था, लेकिन उसने कागजों में हेरफेर किया। इसके लिए उसने प|ी मानकुंवर को दस्तावेजों में अलग आवेदक बताकर प्रस्तुत किया। उसने अपने मृत पिता भागीरथ को मानकुंवर का पति बताया, जबकि भागीरथ की प|ी दिवंगत हो चुकी है।

सीएमओ को पेश दस्तावेज में गड़बड़ी

नपा सीएमओ को प्रस्तुत भवन निर्माण अनुमति के लिए प्रस्तुत नक्शा रिपोर्ट में पूरालाल और मानकुंवर ने वार्ड 26 इंद्रपुरी में प्लाट क्रमांक 1301 और 1302 पास-पास होना बताया। इसमें भी मानकुंवर का पति भागीरथ को बताया गया। इस आधार पर 1301 और 1302 प्लाट नंबर पर मकान निर्माण का नक्शा और एस्टीमेट 4 लाख 90 हजार रुपया होने पर नपा सीएमओ ने अनुदान स्वीकृत कर दिया। गौरतलब है कि अनुदान के लिए नपा सीएमओ के समक्ष दोनों प्लाट पर मकान निर्माण के एस्टीमेट में निर्माणाधीन संपत्ति की लोकेशन में वार्ड 26 और प्रस्तावित नक्शे में मेहतवास बताया गया है। बावजूद नपा के अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। अनुदान राशि से इंद्रपुरी की बजाए वार्ड 35 मेहतवास में मकान का काम चल रहा है।