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छुट्टी से मिला फायदा : रूपेटा व झांझाखेड़ी सरसों का परिवहन, देर रात तक चला काम

तीन दिन शनिवार से सोमवार का अवकाश मंडी को फायदा दे गई। छुट्टी के तीन दिनों में समर्थन मूल्य पर खरीदी चना, मसूर और...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:45 AM IST
छुट्टी से मिला फायदा : रूपेटा व झांझाखेड़ी सरसों का परिवहन, देर रात तक चला काम
तीन दिन शनिवार से सोमवार का अवकाश मंडी को फायदा दे गई। छुट्टी के तीन दिनों में समर्थन मूल्य पर खरीदी चना, मसूर और सरसों का रूपेटा और झांझाखेड़ी केंद्र ने परिवहन कर शेड खाली कर लिया है। रूपेटा केंद्र प्रभारी बबलू शर्मा के अनुसार सोमवार तक 4 हजार 578.5 क्विंटल उपज परिवहन कर दी। जबकि झांझाखेड़ी केंद्र प्रभारी अजय ने बताया सोमवार दोपहर 3 बजे से परिवहन शुरू कर 180 क्विंटल सरसों वेयर हाउस भेजा है। शेष उपज का परिवहन शाम 6 बजे शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। मंगलवार से मंडी पुन: शुरू होगी, किसान अपनी उपज बेचने मंडी पहुंचेेंगे। इसलिए दोनों केंद्रों सोमवार तक पूरा माल परिवहन करने में लगे रहे।

अब रोज परिवहन हो तो नहीं होगी समस्या

समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना, मसूर और सरसों की खरीदी 31 मई तक चलना है। ऐसे में उपज बेचने आने वाले किसानों और केंद्र प्रभारियों को परेशानी न हों। इसलिए नागरिक आपूर्ति निगम को रोज माल परिवहन करना चाहिए। अभी स्थिति यह थी कि खरीदी शुरुआत के कई दिनों बाद निगम ने माल परिवहन करना शुरू किया। इस बीच खरीदी चलती रही। जिससे रोज जितना माल परिवहन होता। उससे ज्यादा आवक हो जाती। जिससे शेड खाली ही नहीं हो पा रहे थे। मगर अब पूरा माल परिवहन होने के बाद नागरिक आपूर्ति निगम रोज आने वाले माल उसी दिन परिवहन करे तो आखिरी दिन तक भी समस्या नहीं होगी।

79 हजार 82 क्विंटल गेहूं भी परिवहन : मार्केटिंग सोसायटी में समर्थन मूल्य पर 73 हजार 83 क्विंटल गेहूं की खरीदी हुई है। सोसायटी प्रबंधक रामचंद्र कैथवास के मुताबिक सोमवार देर रात तक लगभग पूरा माल परिवहन हो चुका है। हालांकि सोसायटी माल रोज परिवहन करा रही थी। मगर इस बीच किसान भी उपज बेचने पहुंच रहे थे। जिससे जितना माल परिवहन हो रहा था, उससे ज्यादा उपज आ रही थी। सोसायटी ने भी छुट्टी का फायदा उठाते हुए शनिवार से सोमवार तक लगभग पूरा माल परिवहन कर दिया।

गेहूं परिवहन होने के बाद आधा खाली हुआ शेड।

चना, सरसों और मसूर परिवहन होने के बाद शेष माल जिसका परिवहन जारी था।

कौन से केंद्र से कितना कितना परिवहन



180 परिवहन हुआ
(स्त्रोत : आंकड़े केंद्र प्रभारियों के अनुसार)

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