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6164 बच्चों का आधार लिंक नहीं, आरटीई में प्रवेश देने वाले स्कूलों का भुगतान 2 साल से अटका, बीआरसी-बीईओ को नोटिस

आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के शिक्षा विभाग द्वारा बीते दो साल में 6164 बच्चों को विकासखंड के निजी स्कूलों में प्रवेश...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:35 AM IST

आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के शिक्षा विभाग द्वारा बीते दो साल में 6164 बच्चों को विकासखंड के निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया था। इन बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति शिक्षा विभाग को करना थी, लेकिन पोर्टल की लिंक पर बच्चों के आधार कार्ड नहीं होने से इनका सत्यापन ही नहीं हो पाया है। नतीजतन दो साल से आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की फीस निजी स्कूलों को मिल ही नहीं पाई है। बच्चों के आधार पोर्टल से लिंक नहीं होने पर शिक्षा विभाग द्वारा बीईओ व बीआरसी को नोटिस भी दिया गया है।

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 6164 बच्चों में से अभी तक 3166 यानी 51 प्रतिशत बच्चों के आधार को पोर्टल से लिंक किया जा चुका है। अभी भी 49 प्रतिशत कार्य बाकी है। पोर्टल से लिंक नहीं होने की वजह से 2016-17 से ही फीस प्रतिपूर्ति की राशि जारी नहीं हो पाई है। सूत्रों के अनुसार अब शिक्षा विभाग ने 2016-17 की राशि के साथ ही 2017-18 की राशि जारी करने की भी तैयारी कर ली है। ताकि एक साथ ही निजी स्कूल संचालकों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि दी जा सके।

नवप्रवेशी बच्चों का होगा सत्यापन

6164 बच्चों के आधार को पोर्टल से लिंक करने के बाद शिक्षा विभाग को हर साल इन बच्चों के सत्यापन करने की जरूरत नहीं होगी। अभी तक प्रतिवर्ष सत्यापन करना होता है। इसके बाद शिक्षा विभाग को मात्र नव प्रवेशित बच्चों के आधार को ही पोर्टल से जोड़ना होगा और सत्यापन करना होगा।

फीस प्रतिपूर्ति की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है

6164 बच्चों में 3166 बच्चों के आधार को लिंक किया जा चुका है। बाकी बच्चों के आधार भी जल्द जोड़े जाएंगे। 2016-17 के साथ ही वर्ष 2017-18 की फीस प्रतिपूर्ति की कार्रवाई भी प्रचलित है। -प्रणव कुमार, बीआरसी, शिक्षा विभाग खाचरौद

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