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महिलाओं के दबाव का असर- शराब दुकान हटाने पहुंचा प्रशासन और नपा का अमला

प्रकाश नगर स्थित देशी शराब दुकान हटाने को लेकर शुरू हुआ गतिरोध अब पुलिस और प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है।...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 05:35 AM IST
प्रकाश नगर स्थित देशी शराब दुकान हटाने को लेकर शुरू हुआ गतिरोध अब पुलिस और प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है। महिलाओं के विरोध और तोड़फोड़ के बाद सत्ता पक्ष भी साथ हो गया। इसके चलते गुरुवार को नगर पालिका और राजस्व विभाग की टीम शराब दुकान हटाने जा पहुंची। हालांकि शराब दुकान के मैनेजर ने संतोषसिंह ने मामले में मंडी टीआई को लिखित शिकायत कर धमकाने का आरोप भी लगाया है।

मैनेजर ने पुलिस को कुछ फोटो भी उपलब्ध कराए हैं, जिसमें राजस्व और नपा की टीम शराब दुकान पर मौजूद हैं। मैनेजर ने आरोप लगाया है कि लाइसेंसी शराब दुकान निजी जमीन पर संचालित है। बावजूद उन्हें अवैध शराब का व्यवसाय करने वालों के इशारे पर लगातार परेशान किया जा रहा है। पहले पार्षद महिलाओं के साथ दुकान पर हमला करती हैं, अब प्रशासन भी हमें डरा रहा है। दुकान हटाने का आदेश है तो हमें दिखाएं। मैनेजर ने नपा इंजीनियर आबिद अली, राजस्व निरीक्षक मदनलाल उइके, पटवारी अनिल शर्मा की नामजद शिकायत की है।

अहाता ढहाने जेसीबी लेकर पहुंची राजस्व और नपा की टीम।

आबकारी अधिकारी बोले- देशी शराब दुकान में अहाता भी है जरूरी

मामले में भास्कर ने आबकारी विभाग के उपनिरीक्षक एम.एस. भगत से सवाल किया ताे उन्होंने स्पष्ट किया कि देशी शराब दुकान में अहाता अनिवार्य है। लाइसेंस में ये नियम भी दर्ज है। उन्होंने तहसीलदार को आबकारी नीति की जानकारी दी है। भास्कर से चर्चा में तहसीलदार विवेक सोनकर ने पहले तो बचने की कोशिश की, फिर टालते हुए बोले इस मामले में बयान देने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं, आप जिला जनसंपर्क अधिकारी से बात करें।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा- पांच दुकानें रहवासी क्षेत्र में, सभी को हटाओ

प्रभारी मंत्री भूपेंद्रसिंह से उज्जैन में बुधवार को विधायक दिलीपसिंह शेखावत द्वारा प्रकाश नगर, दयानंद कॉलोनी और मेहतवास की शराब दुकान रहवासी क्षेत्र से स्थानांतरित करने के मुद्दे पर भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा तीन दुकानों के अलावा भी रहवासी क्षेत्र में शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। किसी विशेष रहवासी क्षेत्र से दुकान हटाने की बजाए शहर में जो भी दुकान रहवासी क्षेत्र, अस्पताल, स्कूल या धर्मस्थलों के पास संचालित हो रही हैं, सबको हटाना चाहिए।

मौके पर पहुंचे तहसीलदार जमीन का नक्शा देखते हुए।