रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर 25.50 लाख की ठगी करने वाला पकड़ाया

Nagda News - रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर युवक से 25 लाख 50 हजार रु. की ठगी का खुलासा शनिवार को मंडी पुलिस ने किया है। पुलिस ने भोपाल...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:35 AM IST
Nagda News - mp news 25 lakhs of cheating on the name of employment training caught
रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर युवक से 25 लाख 50 हजार रु. की ठगी का खुलासा शनिवार को मंडी पुलिस ने किया है। पुलिस ने भोपाल निवासी शुभम मालवीय को सागर रोड भोपाल से गिरफ्तार किया है।

सात महीने पहले फरियादी योगेश राय द्वारा पुलिस को दिए आवेदन में भोपाल निवासी जयकांत मलासी व निकिता उपाध्याय का भी जिक्र किया था। टीआई श्यामचंद्र शर्मा ने बताया दस्तावेजों की जांच के बाद इन्हें भी आरोपी बनाएंगे। टीआई के मुताबिक शुभम को दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है, पूछताछ में आरोपी से और भी खुलासे हो सकते है।

संस्था के झांसे में आकर दो सेंटर खोल 300 युवाओं को ट्रेनिंग दी

7 जनवरी 2019 को फरियादी योगेश द्वारा मंडी थाने में दिए आवेदन में बताया था कि शुभम नारी शक्ति महिला कल्याण समिति के सदस्य शुभम मालवीय, जयकांत मलासी और निकिता उपाध्याय ने प्रलोभन दिया था कि उनकी संस्था का टाइअप टाटा, अपोलो जैसी कंपनी से है। जिसके सीएसआर फंड से वे युवाओं को ब्यूटी पार्लर, सिलाई, बेसिक कम्प्यूटर का प्रशिक्षण देते है। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण देने पर संबंधित व्यक्ति व संस्था को कमिशन भी दिया जाता है। समिति के झांसे में आकर योगेश ने नागदा में दो सेंटर प्रकाश नगर और महिदपुर रोड़ पर खोला। जहां 300 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। योगेश द्वारा समिति से किए अनुबंध के तहत 1500 रु. प्रति प्रशिक्षणार्थी की फीस जमा होना थी, जो योगेश ने 6 फरवरी 2018 को पहले सेंटर की 200 छात्राएं (जिन्होंने असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट की ट्रेनिंग ली) की फीस तीन लाख रु. का भुगतान संस्था काे एनईएफटी के माध्यम से कर दिया। दूसरे सेंटर के 100 प्रशिक्षणार्थी (जिन्होंने बेसिक कम्प्यूटर फंडामेंटल की ट्रेनिंग ली) की एक लाख 50 हजार रु. 1 मार्च 2018 को संस्था के खाते में जमा कराई। साथ ही प्रति 100 प्रशिक्षणार्थी की सेंटर रजिट्रेशन फीस 10 हजार रु. के मान से 30 हजार रु. भी जमा कराएं।

अनुबंध के मुताबिक रजिस्ट्रेशन फीस 30 हजार रु. नोन रिफंडेबल थी, क्योंकि यह फीस सिक्युरिटी के तौर पर ली गई थी। इस तरह कुल 4 लाख 50 हजार रु. का पीडीसी चेक योगेश को दिया गया। समिति ने योगेश को आश्वस्त किया कि प्रशिक्षण खत्म होने पर पीडीसी चेक के साथ प्रति प्रशिक्षणार्थी 7 हजार रु. के मान से राशि भी दी जाएगी। यह जानकारी संस्था की सदस्य निकिता उपाध्याय ने आवेदक को मेल पर दी।

आरोपी शुभम

रिजल्ट आने के बाद पीडीसी चेक और बाकी राशि लौटाना थी, इसलिए रिजल्ट घोषित नहीं किया

30 जून 2018 को ही आना था रिजल्ट

19 फरवरी 2018 को योगेश द्वारा निकिता को 300 प्रशिक्षणार्थियों की सूची मेल पर देने के बाद संस्था ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को रजिस्टर्ड कर 20 फरवरी को सूची पुन: योगेश को मेल पर भेजी। 23 मार्च 2018 से 6 जून 2018 तक युवक-युवतियों को ट्रेनिंग दी गई। प्रतिदिन की फोटो निकिता को मेल पर भेजी गई। इसके बाद कुल प्रशिक्षणार्थियों में से 70 प्रतिशत यानी 210 प्रशिक्षणार्थियों की परीक्षा 15 जून 2018 को कराई गई। फिर संस्था के कहने पर प्रशिक्षणार्थियों के एनरोलमेंट फॉर्म, आधार कार्ड, मार्कशीट व अन्य दस्तावेज के साथ हाजिरी की ओरिजनल शीट्स वेरिफिकेशन शीट्स, एनरोलमंेट शीट्स व प्रशिक्षण के फोटो योगेश ने 27 जुलाई 2018 को संस्था कार्यालय में जमा कराएं। 30 जून 2018 को रिजल्ट आना था, जो संस्था ने घोषित नहीं किया।

संस्था ने 21 लाख रुपए नहीं लौटाए

अनुबंध के मुताबिक संस्था को रिजल्ट के 2 महीने बाद 4 लाख 50 हजार रु. का पीडीसी चेक व प्रति प्रशिक्षणार्थी 7 हजार रु. के मान से 21 लाख रु. देना थे, लेकिन संस्था ने वह राशि भी नहीं लौटाई। योगेश ने प्रशिक्षणार्थियों के दस्तावेज, ओरिजनल हाजिरी शीट, एनरोलमेंट शीट, वेरिफिकेशन शीट व प्रशिक्षण की फोटो मांगने पर संस्था ने आश्वस्त किया कि उक्त दस्तावेजों की फाइल आगे भिजवाई गई, 15 दिन में सभी बच्चों के प्रमाण पत्र व सेंटर का पूरा पैमेंट किया जाएगा, लेकिन समिति ने ऐसा कुछ नहीं किया। इस तरह योगेश के साथ 25 लाख 50 हजार रु. की धोखाधड़ी हुई। योगेश ने समिति पर रुपए देने पर दबाव बनाया तो सदस्यों ने उन्हें जान से मारने व झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।

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