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सात माह से फर्जी आरपीएफ जवान बनकर ट्रेनाें में यात्रियों पर राैब झाड़ रहा युवक नागदा में पकड़ाया
सात माह से फर्जी आरपीएफ जवान बनकर ट्रेनाें में यात्रियों पर राैब झाड़ने वाले एक युवक काे शुक्रवार काे अारपीएफ-जीअापी ने गिरफ्तार किया है। युवक राजस्थान के नागाैर जिले की श्यामसर तहसील के गांव गाैरेरा का रहने वाला है। आरपीएफ की हूबहू वर्दी सिलवाकर युवक स्वयं काे आरपीएफ का जवान बताता था।
सात माह में ट्रेन में स्वयं काे आरपीएफ जवान बताकर कई टीसी से पहचान कर ली। इस वजह से ट्रेन में यात्रा के दाैरान उसे काेई राेकता-टाेकता नहीं था। शुक्रवार काे स्टेशन पर उतरा, तब पूछताछ में हड़बड़ी हाेने से उसकी पाेल खुल गई। जीाआरपी ने युवक पर धारा 171 व 419 में प्रकरण दर्ज किया है। जीाआरपी शनिवार काे उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड मांगेगी, ताकि अन्य जानकारी मिल सके।
12वीं पास है श्रवण, एनसीसी कैडेट्स भी रहा
श्रवण ने नागाैर जिले से ही 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। वह एनसीसी कैडेट्स भी रहा। उसने आरपीएफ की सुविधा देखकर अपना शाैक पूरा करने के लिए 7 माह पहले वर्दी सिलवाई। माता-पिता काे बताया कि उसकी आरपीएफ में नाैकरी लग गई है। यहां तक कि 6 माह पहले शादी भी की। माता-पिता, प|ी सभी इस बात से अनजान है कि श्रवण
फर्जी आरपीएफ जवान है। जीाआरपी ने श्रवण के माता-पिता काे सूचना दी है, वह शनिवार काे शहर पहुंचेंगे, उसके बाद और भी कई बातें सामने अाएगी।
युवक पर छल करने का प्रकरण दर्ज
अजय मिश्र, चाैकी प्रभारी, जीअारपी नागदा
श्रवण ने कहा तीन लाख रुपए देकर नौकरी ली
श्रवण जीाआरपी काे लगातार गुमराह करने में लगा हुआ है। कभी वह जयपुर निवासी भूपेंद्रसिंह द्वारा 3 लाख रुपए लेकर नाैकरी दिलाने की बात कह रहा है ताे कभी शाैकिया ताैर पर वर्दी पहनने की बात कह रहा है। उसने यह भी कहा कि वह पहली बार ही वर्दी पहनकर गांव से सूरत जाने निकला था, जबकि उसके माेबाइल में वर्दी में कई रेलवे कर्मचारियाें के साथ फाेटाे भी है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि वर्दी पहनकर श्रवण द्वारा अन्य थाना क्षेत्र में काेई वारदात ताे नहीं की है।
चाय पीने उतरा और उलझ गया फर्जी अारक्षक
जीअारपी चाैकी प्रभारी अजय मिश्र व आरपीएफ थाना प्रभारी एम.अार. अंसारी ने बताया शुक्रवार अलसुबह 3.25 बजे बांद्रा-जयपुर ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 1 पर पहुंची। गाैरेरा निवासी श्रवण पिता दूल्हे भारती (22) फर्जी आरक्षक चाय पीने उतरा था। इस दाैरान रूटिंग चेकिंग पर अारपीएफ-जीअारपी के मुकेश, अनिल कुमार, अक्षय वर्मा ने उसे देखा ताे नया आरक्षक हाेने पर उससे बातचीत करने लगे। जब श्रवण से उसके हेड क्वार्टर, पाेस्टिंग सहित अन्य जानकारी ली ताे वह बाताें में उलझ गया। आरपीएफ थाना प्रभारी अंसारी भी पहुंचे ताे श्रवण उनकी बाताें का जवाब नहीं दे पाया। इस पर उसे हिरासत में लेकर हेड क्वार्टर से जानकारी ली गई, तब पता चला कि वह फर्जी आरक्षक है और आरपीएफ की वर्दी पहन फर्जीवाड़ा कर रहा है।