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परीक्षा देने नहीं गईं दाे छात्राएं, घर पर पिटाई से बचने के लिए बनाई अपहरण की कहानी

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 05:11 AM IST

Nagda News - दो नाबालिग छात्राओं ने परीक्षा नहीं देने पर पिटाई से बचने के लिए अपने अपहरण की झूठी कहानी फिल्मी अंदाज में परिजनों...

Unhel News - mp news do not give the exams to girls the story of abduction created to avoid beating at home
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दो नाबालिग छात्राओं ने परीक्षा नहीं देने पर पिटाई से बचने के लिए अपने अपहरण की झूठी कहानी फिल्मी अंदाज में परिजनों को बताकर हलचल मचा दी। घटना बुधवार की है, लेकिन शनिवार को पुलिस ने इसका खुलासा किया। ग्राम सूरजाखेड़ी निवासी कक्षा 8वीं की छात्रा कविता पिता विक्रम खारोल व कक्षा 6ठी की छात्रा पूनम पिता बाबूलाल खारोल बुधवार को स्कूल में परीक्षा देने सुबह नहीं पहुंची। शाम तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजन चिंता में आ गए, शाम 6 बजे बालिकाएं घर लौटी तो उन्होंने अपने अपहरण की कहानी सुना दी।

कुछ सुंघाकर बेहोश किया और महिला बन दो पुरुष ले गए थे

दोनों बालिकाओं ने पुलिस को बताया महिलाओं की वेशभूषा में दो व्यक्ति ने उन्हें स्कूल जाते समय रूमाल से कुछ सुंघाकर बेहोश कर अपने साथ ले गए। कुछ देर बाद होश आया तो वापस उन्होंने बेहोश कर दिया। एक जगह वाहन रुकने पर जैसे तैसे हम भागकर घर पहुंचे। बालिकाओं के पिता ने इस आशय का आवेदन भी पुलिस को दिया। पुलिस को पूछताछ में घटना संदिग्ध लगी, क्योंकि दोनों के बयानों में अंतर आ रहा था। घटना की जांच एएसआई राधेश्याम शर्मा को सौंपी गई। घटना के चार दिन बाद भी शनिवार तक पुलिस ने ग्राम सूरजाखेड़ी जांच के लिए पहुंचना भी उचित नहीं समझा। थाना प्रभारी विपिन बाथम ने बताया घटना के संबंध में आवेदन मिला था। घटना की जांच के लिए ढाबला फंटा आदि स्थानों से जानकारी जुटाई गई है। वारदात होने के बारे में जानकारी नहीं मिली। शनिवार को लड़कियाें से पूछताछ की गई तो उन्होंने जंगल में इमली-बैर खाने जाना बताया, रास्ता भूलने से घर पहुंचने में देरी हो गई।

बच्चियों के अपहरण के मामले में तीन दिन तक पुलिस ने बरती लापरवाही

बुधवार को बच्चियों के अपहरण का मामले सामने आया था। लेकिन उन्हेल पुलिस ने कार्रवाई करने के स्थान पर आवेदन लेकर रख लिया। तीन दिन तक बच्चियों से न तो पूछताछ की और न ही उनके गांव गई। मामला उजागर होने के बाद शनिवार को खानापूर्ति करते हुए झूठी कहानी का दावा कर दिया। इस मामले की पड़ताल के लिए भास्कर टीम ग्राम सूरजाखेड़ी पहुंची। वहां छात्रा पूनम की मां सुनीता पति बाबूलाल ने बताया उनकी लड़की कक्षा 6ठी में पढ़ती है, कम उम्र होने से कविता उसे अपने साथ ले गई। शाम को कोई उन्हें ग्राम रूपाखेड़ी सड़क पर छोड़ गया, वहां से पैदल अपने गांव लौटी। घटना की सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस गांव में पूछताछ करने नहीं आई, शनिवार को पुलिस ने उन्हेल थाने पर बुलाया है, इसलिए दोनों लड़कियां अपने पिता के साथ थाने पर गई हैं। वहीं शासकीय मावि सूरजाखेड़ी की प्रभारी सुलभा वर्मा ने बताया लड़कियां स्कूल परीक्षा देने नहीं पहुंची थी। बाद में पता चला कि वे बैर-इमली खाने के लिए जंगल में चली गई थी, रास्ता भटकने से शाम को अपने घर लौट गई।

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