बिजली के पोल बन रहे आवागमन में बाधा
नारायणा रोड चौराहे पर शुक्रवार को हुए हादसे के बाद सजगता से कार्रवाई करने की जरूरत है। अतिक्रमण और पार्किंग अभाव में तो दिक्कत हो रही है। साथ ही मार्ग पर लगे विद्युत खंभे भी असुविधा का कारण है। इसका निराकरण भी मांग भी हो रही है।
नारायणा रोड चौराहे पर चहल पहल होने के साथ रात दिन वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। इससे नारायणा होते हुए उज्जैन टू-लेन मार्ग, जावरा, आलोट पहुंच मार्ग होने से यातायात का दबाव भी अधिक रहता है। इसके कारण आए दिन वाहनों का जाम लगने के साथ दुर्घटनाग्रस्त होने से बच रहे हैं। रोजाना वाहनों का जाम लगने से वाहन चालक परेशान होते रहते हैं। नारायणा रोड स्थित बिजली के खंभे के हटाने से काफी परेशानी हल हो सकती है व मार्ग भी चौड़ा हो जाएगा। साथ ही नारायणा की ओर जाने वाले वाहन चालकों को निकलने में आसानी होगी। चौराहा होने से स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग भी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को बेकाबू हुए ट्रक से एक युवक की मौत हो गई थी व तीन लोग घायल हो गए थे।
चौराहे पर बिजली के खंभों को दिया जाए तो मार्ग चौड़ा होने से हादसे का खतरा काफी कम हो जाएगा।
आरके गुहा, तहसीलदार, महिदपुर
समस्या से अवगत कराया, निराकरण नहीं हुआ
नारायणा रोड चौराहे पर खंभे व सड़कों पर फैले अतिक्रमण को लेकर रहवासियों ने कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई निराकरण नहीं हुआ। मप्र कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता अशोक नवलखा ने बताया कि 2014 से लेकर अब तक लगभग दस बार जिलाधीश, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नपा महिदपुर, बिजली कंपनी, विभागीय मंत्री, जिला प्रभारी मंत्री को अवगत करा चुके हंै। इसमें यातायात की स्थिति व सड़क पर खडे़ बिजली पोलो, स्पीड ब्रेकरों के अभाव, रोड के साइड में एक फीट तक के गड्ढ़ों के कारण दुर्घटना आदि के संबंध में अवगत कराया था। इसके बाद भी प्रशासन सजग नहीं हुआ। शुक्रवार को हादसे में प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हुई है। ऐसे में नवलखा ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से प्रकरण को संज्ञान में लेकर जवाबदारों पर सख्त परिणामी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।