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काेराेना का डर : 24 साल में पहली बार रंगपंचमी की गेर ऐनवक्त पर निरस्त की

एक वर्ष पहले
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काेराेना के डर ने रंगाें के त्याेहार काे फीका कर दिया। रंगपंचमी पर हर काेई रंगांे की मस्ती में मस्त हाेकर शहर में निकलने वाली गेर में शामिल हाेता है, लेकिन काेराेना के डर ने इस मस्ती में खलल डाल दी। रंगपंचमी पर हर साल निकलने वाली गेर काे अाखिरी समय में निरस्त कर दिया गया।

किराना व्यापारी संघ के तत्वावधान में सुबह 11 बजे कृषि उपज मंडी से गेर की शुरुअात हाेना थी। इसे लेकर व्यापारियाें ने तैयारी भी कर ली थी, गेर में शामिल हाेने के लिए लाेग भी कृषि उपज मंडी पहुंचने लगे थे। तभी सुबह 10 बजे एसडीएम अार.पी. वर्मा ने संघ सदस्यांे काे बुलाकर कहा कि कलेक्टर का अादेश है गेर नहीं निकाल सकते है। अन्य स्थानाें पर भी गेर नहीं निकल रही है, इसलिए अापकी अनुमति निरस्त की जा रही है। संघ सदस्यांे ने अनुराेध किया कि थाेड़ी रियायत दी जाए, सालाें की परंपरा है। उसके बाद एसडीएम ने कहा कि अाप अापकी रिस्क पर गेर निकाल सकते है, लेकिन इसमें साउंड सिस्टम की अनुमति नहीं हाेगी। जिस पर व्यापारी संघ ने भी गेर काे निरस्त कर दिया।

यह भी निरस्त : अास्था पर भारी पड़ा सरकारी अादेश

दशहरा मैदान स्थित हनुमान मंदिर पर रंगपंचमी की शाम अंगारों पर चलने का अायाेजन किया जाता है, लेकिन इस बार अास्था पर सरकारी अादेश भारी रहा। प्रशासन के अादेश पर यह अायाेजन भी निरस्त किया गया। मंदिर परिसर में लगभग 40 साल पहले नानूराम प्रजापत ने इस अायाेजन की शुरुअात की थी। इसमें शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र से श्रद्धालु व मन्नतधारी पहुंचकर धधकते अंगाराें में से नंगे पैर निकलते थे, लेकिन यहां भी पहली बार अायाेजन निरस्त करना पड़ा।

ऊंट गाड़ी पर बैठकर बाजार में पाेहे बांटे आयोजकों ने।


1996 में शुरू की
थी गेर, इस बार भी कर ली थी पूरी तैयारी


किराना व्यापारी संघ संरक्षक मनाेज राठी ने बताया 1996 में रंगपंचमी पर गेर की शुरुअात व्यापारियाें ने मिलकर की थी। इसके बाद से लगातार रंगपंचमी पर गेर निकालने का सिलसिला चल रहा है। 24 साल में पहली बार एेसा माैका अाया है कि प्रशासन ने गेर निरस्त कराई है। गेर काे लेकर सभी तैयारियां हाे चुकी थी। 10 क्विंटल गुलाल, बामनिया की ढाेल-ताशा पार्टी, ऊंट, घाेड़े, हाथी की व्यवस्था की गई थी। इसमें लगभग 40-50 हजार का खर्च हुअा। गेर िनरस्त हाेने से सैकड़ाें युवाअाें काे निराश भी हाेना पड़ा।

मायूस हुए लाेग, बाजार में बंटवाया नाश्ता

गेर सुबह 11 बजे से शुरू हाेना थी, लेकिन सुबह 9 बजे से ही गेर के लिए युवा पहुंचने लगे थे। जब प्रशासन ने अनुमति निरस्त कर दी ताे युवा मायूस हाेकर लाैटे। व्यापारी संगठन ने गेर में शामिल हाेने वाले लाेगाें के लिए नाश्ते की व्यवस्था की थी, जिसे अनुमति निरस्त हाेने पर बाजार में ऊंट गाड़ी से बांटा गया। हालांकि युवाअाें ने टाेलियां बनाकर रंग की मस्ती की।
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