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अस्पताल में टिटनेस के इंजेक्शन नहीं, मरीजों से मंगवा रहे

एक वर्ष पहले
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चोट लगने, सड़क दुर्घटना होने की दशा में सिविल अस्पताल जा रहे हैं तो आपको टिटनेस का इंजेक्शन बाहर से खरीदकर लगवाना होगा। अस्पताल में 15 दिनों से टिटनेस के इंजेक्शन नहीं है। बीएमओ डॉ. कमल सोलंकी के अनुसार टिटनेस की खपत अधिक होने से इंजेक्शन खत्म हो गए हैं। स्टॉक में विभिन्न प्रकार के 200 इंजेक्शन का बॉक्स मंगवाया जाता है। प्रतिदिन 12 मरीजों को टीटी और रैबीज (एआरवी) का डोज दिया जाता है।

जनवरी में 52 और फरवरी में 47 मरीजों को टीटी का इंजेक्शन दिया गया है। मार्च से टीटी का स्टाक खत्म है। इसके चलते मरीजों को बाहर से इंजेक्शन खरीदकर लगवाना पड़ रहा है। बीएमओ डॉ. सोलंकी के अनुसार अस्पताल में दवाओं और इंजेक्शन का माहवार पर्याप्त स्टाक है। 15 दिनों से टिटनेस का स्टाक खत्म हुआ है। 10 रुपए लागत है। मुख्य इंजेक्शन रैबीज का होता है, जो बाजार में 400 रु. का मिलता है। स्टॉक खत्म होने की दशा में ऐसे इंजेक्शन मंगवाए जाते हैं, जो महंगे न हो। दोनों इंजेक्शनों के खत्म होने की जानकारी मुख्यालय भेज दी गई है।

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