--Advertisement--

2019 का ऐसा संयोग... एक ही वार में आ रहे 10 बड़े त्योहार

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 03:37 AM IST

Nagda News - 2019 में मनाए जाने वाले बड़े त्योहारों में इस बार अजब संयोग बना है। साल में मनाए जाने वाले 10 त्योहार सोमवार को ही आ रहे...

Khachrodh News - mp news such a coincidence of 2019 10 big festivals coming in the same war
2019 में मनाए जाने वाले बड़े त्योहारों में इस बार अजब संयोग बना है। साल में मनाए जाने वाले 10 त्योहार सोमवार को ही आ रहे हैं। जिसकी शुरुआत मकर संक्रांति से हाे रही है। फरवरी में अमावस्या, मार्च में महाशिवरात्रि, अप्रैल में गणगौर तीज, जून में शनि जयंती, अगस्त में नागपंचमी, सितंबर में गणेशोत्सव, जलझूलनी एकादशी, अक्टूबर में शारदीय नवरात्रि और दिवाली तक इसी वार में आ रही है। पं. प्रफुल्ल भट्ट का मानना है एक ही वार में आ रहे सभी त्योहार शुभता के सूचक हैं। ऐसे में मकर संक्रांति पर सोमवार का संयोग बनने से यह महाशुभदायी हो गई है।

महाशिवरात्रि : (4 मार्च, सोमवार)- ये पर्व भगवान शिव से जुड़ा है और सोमवार भी शिवजी का ही दिन है, इसलिए इस पर्व का महत्व और अधिक बढ़ गया है। इस दिन सोमवार का महासंयोग बनने से उपासक को मनोवांछित फल मिलता है।

गणगौर तीज : (8 अप्रैल, सोमवार)- ये पर्व माता पार्वती से संबंधित है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज मनाया जाता है। इस दिन मां पार्वती की पूजा गणगौर माता के रूप में की जाती है। इसके साथ ही भगवान शिव की पूजा ईसरजी के रूप में की जाती है।

शनि जयंती : (3 जून, सोमवार)- ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्यायाधीश कहा गया है। शनि ही मनुष्यों के अच्छे-बुरे कर्मों का फल प्रदान करते हैं। इसलिए शनि पूजा के लिए ये दिन बहुत ही विशेष माना जाता है। पं. भट्ट का कहना है कि यह संयोग चार साल बाद बन रहा है।

नागपंचमी : (5 अगस्त, सोमवार)- ये पर्व सावन में मनाया जाता है। सावन भगवान शिव की आराधना का पर्व है व सर्प उनका आभूषण है। इसलिए इस दिन नागों की पूजा विशेष रूप से की जाती है। दक्षिण भारत में ऐसा ही त्योहार कृष्ण पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है।

गणेश उत्सव : (2 सितंबर, सोमवार)- हिंदू धर्म में भगवान श्रीगणेश को प्रथम पूज्य माना गया है यानी किसी भी शुभ काम से पहले इनकी पूजा अनिवार्य रूप से की जाती है। गणेश उत्सव के पहले दिन श्रीगणेश की प्रतिमा घर-घर में स्थापित की जाती है। इस दिन सोमवार ही है।

जलझूलनी एकादशी : (9 सितंबर, सोमवार)- इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की जाती है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी पद्मा, परिवर्तिनी एकादशी और जलझूलनी एकादशी कहलाती है। इसका व्रत करने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है।

शारदीय नवरात्रि महानवमी : (7 अक्टूबर, सोमवार)- अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है। इसकी नवमी तिथि बहुत ही विशेष होती है। ये नवरात्र का अंतिम दिन होता है। इस दिन सिद्धिदात्री मां की पूजा की जाती है।

गोवर्धन पूजा : (28 अक्टूबर, सोमवार)- ये पर्व दीपावली के दूसरे दिन मनता है। इस दिन गोवर्धन पर्वत और गाय की पूजा की जाती है। इस दिन 56 या 108 तरह के पकवान बनाकर श्रीकृष्ण को भोग लगाया जाता है। इन पकवानों को अन्नकूट कहा जाता है।

दो दिन मनेगी देश भर में मकर संक्रांति

मकर संक्रांति : (14 जनवरी, सोमवार)- पर्व 14 और 15 जनवरी दो दिन मनाया जाएगा। परंपरानुसार 14 जनवरी को सोमवार पड़ रहा है। दो दिन पड़ने वाली संक्रांति का पुण्यकाल 21 घंटे 52 मिनट तक रहेगा। जबकि स्नान, दान का महत्व 15 जनवरी को रहेगा।

मौनी अमावस्या : (4 फरवरी, सोमवार)- माघ मास में आने वाली इस अमावस्या का महत्व बहुत अधिक माना गया है। मौनी अमावस्या के दिन सूर्य व चंद्रमा गोचरवश मकर राशि में आते हैं, इसलिए यह दिन एक संपूर्ण शक्ति से भरा हुआ और पावन अवसर बन जाता है।

X
Khachrodh News - mp news such a coincidence of 2019 10 big festivals coming in the same war
Astrology

Recommended

Click to listen..