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- Nagda News Mp News The Section Under Which The Police Does Not Have The Right To Bail Accused In The Case
जिस धारा में पुलिस काे जमानत का अधिकार नहीं, उसमें आरोपी काे छाेड़ा
जिस धारा में पुलिस काे जमानत का अधिकार नहीं था, उसमें आरोपी काे थाने में बैठाकर तस्दीक के नाम पर छाेड़ दिया गया। जब दूसरे दिन मामले की शिकायत फरियादी पक्ष ने की ताे आरोपियों काे तत्काल गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया।
बिरलाग्राम पुलिस मामले में अब कुछ भी बाेलने से बच रही है। हालांकि फरियादी पक्ष ने कोर्ट में आपत्ति लगाने के साथ सीएसपी मनाेज र|ाकर काे शिकायत कर बिरलाग्राम थाने के सीसीटीवी फुटेज मंगवाकर जांच करने की मांग की है। साथ ही सूचना के अधिकार में भी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया है, ताकि आरोपियों काे राहत देने वाले अधिकारियाें पर कार्रवाई के लिए न्यायालय की शरण ली जा सके।
10 मार्च काे गवर्नमेंट काॅलाेनी निवासी रितेश पिता पदम घर जा रहा था, तभी क्षेत्र के दीपक, ताराचंद्र, छाेटू उर्फ राेहित, मनीष ने उससे शराब के लिए रुपए मांगे, जब उसने मना किया ताे मारपीट की। इसे लेकर बिरलाग्राम पुलिस ने रितेश की शिकायत पर चाराें आरोपियों के खिलाफ धारा 327, 323, 294, 506, 34 में प्रकरण दर्ज किया। फरियादी रितेश के मुताबिक 12 मार्च काे बिरलाग्राम पुलिस ने घटनास्थल का माैका मुआयना किया और उसके बाद वह भी पुलिस के साथ थाने पहुंचा था। जहां आरोपी ताराचंद्र, छाेटू काे थाने में बैठा रखा था, लेकिन रात में उन्हें छाेड़ दिया गया। बाद में आरोपियों ने उसे रास्ते में राेककर धमकी भी दी। जब दूसरे दिन इसकी शिकायत की गई ताे पुलिस ने आरोपियों काे शुक्रवार काे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। रितेश ने इसकी शिकायत सीएसपी मनाेज र|ाकर से कर आरोपियों काे संरक्षण देने वाले अधिकारियाें पर कार्रवाई करने की मांग की है। रितेश ने बिरलाग्राम थाने के सीसीटीवी फुटेज भी सूचना के अधिकार में मांगे है, जिससे वह न्यायालय की शरण ले सके।
धारा 327 गैर जमानती
किसी काे स्वेच्छापूर्वक चाेट पहुंचाना। किसी व्यक्ति से बलपूर्वक संपत्ति या मूल्यवान चीज लेने पर धारा 327 लगाई जाती है। यह गैर जमानती है, यानी पुलिस थाने से मुचलका नहीं हाेता है। धारा के तहत 10 साल का कारावास व जुर्माने का प्रावधान है। इस धारा में आरोपी काे गिरफ्तार कर प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करना हाेता है।
केस दर्ज फिर भी नहीं की आरोपी की गिरफ्तारी
सीएसपी र|ाकर के मुताबिक मामले की तस्दीक की जा रही थी, जाे विवेचना का पार्ट है। सवाल यह है जब आरोपी थाने पहुंच गया था ताे उसे दाेबारा घर क्याें जाने दिया गया। उसकी गिरफ्तारी कर थाने में ही तस्दीक की जा सकती थी। वह भी गैर जमानती धारा हाेने के बाद भी उसे छाेड़ दिया गया। ऐसे में जवाब ही कई सवाल खड़े कर रहे हैं।