हमें जड़ को कभी नहीं भूलना चाहिए, वहीं व्यक्ति का अस्तित्व होता है -निराला बाबा

Nagda News - हमें जड़ मतलब अंश को कभी भी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि बिना जड़ के व्यक्ति या वस्तु का कोई अस्तित्व नहीं रहता है। दूध...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:40 AM IST
Unhel News - mp news we must never forget the root the same person exists nirala baba
हमें जड़ मतलब अंश को कभी भी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि बिना जड़ के व्यक्ति या वस्तु का कोई अस्तित्व नहीं रहता है। दूध से दही, मक्खन, घी आदि बनाया जा सकता है, लेकिन उसका जड़ या अंश दूध ही है। ऐेसे में हमें दूध की महत्ता को महत्व देना चाहिए।

यह बात आचार्य दिव्यानंद सूरीश्वर निराला बाबा ने शनिवार सुबह 9.30 बजे पोरवाल धर्मशाला में प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने कहा चातुर्मास काल हमें हमारे अंश को याद कराने के लिए आता है। चातुर्मास में बारिश का पानी, संतों की वाणी और उनकी दृष्टि जहां होती है, वहां मन उपवन हरियाली से भर जाता है। भगवान महावीर के समय भी चातुर्मास होता था, लेकिन उस समय के चातुर्मास को वर्तमान के चातुर्मास में बड़ा अंतर है। पहले संतों के आगमन पर शोभायात्रा नहीं निकाली जाती थी, लेकिन अब संतों के आगमन पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है, ताकि आप में सजगता, जागृति आ जाए। आचार्यश्री के प्रवचन प्रतिदिन सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक पोरवाल धर्मशाला में होंगे। शनिवार को प्रवचन में प्रमुख रूप से भाजपा मंडल पूर्व अध्यक्ष मंगेश वर्मा, ललित जैन, जयंतीलाल जैन, प्रदीप जैन, राजेश पाटनी, छगनलाल जैन, सुनील तांतेड़ शिवगढ़, पूर्णचंद मिन्नी बीकानेर, मोतीलाल चौधरी आदि मौजूद थे।

संबोधित करते हुए निराला बाबा।

कर्म के परमाणु से जगत भरा हुआ: जयानंद

खाचरौद | जगत में कर्म के परमाणु ठसाठस भरे हैं, लेकिन हमें प्रयास करना चाहिए कि वह हमसे कम चिपके। धन की अभिवृद्धि, भौतिक साधन मिलने पर खुशी होती है तो इनके अभाव में दु:ख, यह संसार का नियम है। यह बात धर्मसभा को संबोधित कर आचार्य जयानंद जी ने कही। उन्होंने कहा, सुख दुख पर इस पर गहराई से चिंतन कर सोचना चाहिए कि जो मेरा है, पराया नहीं हो सकता और जो पराया है, वो मेरा नहीं हो सकता। जिसे आप मेरा कहते हैं, वह भी एक दिन यही रहने वाला है। घर वाले और निकट के सगे संबंधी भी सांस निकलने के बाद रस्सी से लपेट कर उल्टे पैर घर से निकाल देते हैं। उन्होंने कहा यह समझने के लिए ही चातुर्मास है कि मैं कौन हूं, मेरा क्या है, मेरा वास्तविक स्वरूप क्या है। धर्मसभा को आचार्यश्री के शिष्य दिव्यानंद विजय जी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा परमात्मा मोक्ष मार्ग के दाता है, मोक्ष के नहीं, परमात्मा के मार्ग पर चलने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। संचालन प्रशांत सुराणा ने किया।

सुभाषनगर में साध्वी मंडल का मंगल प्रवेश

उज्जैन | सुभाषनगर स्थित शंखेश्वर पार्श्वनाथ चौमुखा जिनालय में साध्वी पूर्विता श्रीजी मसा, उर्विता श्रीजी मसा एवं साध्वी रूविता श्रीजी मसा का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश शनिवार को हुआ। मंदिर समिति ट्रस्ट के सहसचिव सुशील जैन ने बताया इस अवसर पर डॉ. पारस मारू, डॉ. जेके जैन, मनोहरलाल जैन सहित महिला मंडल उपस्थित रहीं।

X
Unhel News - mp news we must never forget the root the same person exists nirala baba
COMMENT