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रास्तों के बीच में क्षतिग्रस्त पड़ी नालियों को पार करने में परेशान हो रहे लोग

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़ शहर के अलग-अलग वार्डों में सड़कों के बीच बनी नालियों पर लगी हुई लोहे की क्षतिग्रस्त...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 03, 2018, 04:10 AM IST

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़

शहर के अलग-अलग वार्डों में सड़कों के बीच बनी नालियों पर लगी हुई लोहे की क्षतिग्रस्त जालियां लोगों की परेशानी की वजह बन रही हैं। थावरिया, पाल रोड, बड़ा बाजार, रावजी का चौक आदि क्षेत्रों में ऐसी नालियों की वजह से सड़कों से निकलने वाले राहगीर परेशान हो रहे हैं। स्थिति यह है कि बुजुर्गों को दूसरों के सहारे से या लाठी की मदद से नालियां पार करनी पड़ रही हैं। बड़ा बाजार से थावरिया की ओर जाने वाले रास्ते में तो रविवार रात को एक गेहूं से भरी ट्राली के आ जाने से स्थिति और बिगड़ गई। ट्रॉली के वजन से क्षतिग्रस्त जाली का एक हिस्सा नाली में दब गया, जिसकी वजह से सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया। इससे पूरा दिन बाइक चलाने वाले परेशान होते रहे और नाली में पत्थर जमा कर आते जाते रहे।

बुजुर्गों को दूसरों के सहारे या लाठी की मदद से नालियां पार करनी पड़ रही हैं

सड़कों के बीच में बनी नालियों पर लगी हुई हैं लोहे की क्षतिग्रस्त जालियां

वर्क आर्डर दे दिया है, पानी की उपलब्धता के हिसाब से काम होगा

सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की रिपेयरिंग नगरपालिका जल्दी शुरू करवाने वाली है। इसके लिए वर्क आर्डर दे दिया है। पानी की उपलब्धता के हिसाब से काम शुरू हो जाएगा। जहां-जहां जालियां क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें भी ठीक किया जाएगा। पवन अवस्थी, सीएमओ, नपा परिषद कार्यालय, नरसिंहगढ़।

मुद्दा खास क्यों

जिन क्षेत्रों में नालियों पर लगी जालियां क्षतिग्रस्त हैं, वे सभी सघन आबादी वाले क्षेत्र हैं। यहां सुबह से देर रात तक लोग आते-जाते रहते हैं। स्थानीय लोगों को तो फिर भी जालियों की खराब हालत के बारे में जानकारी है, लेकिन नए लोगों को दिक्कतें आती हैं। इसकी वजह से कई लोग घायल भी हो चुके हैं।

बदलाव भी जरूरी

शहर की भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर सड़कों के बीच की नालियों पर जालियां लगाने का कॉन्सेप्ट ही गलत है। इसकी वजह से पर्याप्त सफाई भी नहीं हो पाती है। शहर पहाड़ी बस्तियों से घिरा है। इन नालियों में पहाड़ियों से आने वाला बहाव इकट्ठा होता है, जिसमें बारिश के दिनों में बड़ी मात्रा मिट्टी और पत्थर की होती है, बाकी दिनों में पॉलिथीन, मकानों के निर्माण सामग्री जैसी भारी चीजें नालियों में आकर जमा हो जाती हैं। जालियों की बजाए चौड़े स्पीड ब्रेकर नालियों पर बनाना ज्यादा अनुकूल है।

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