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कविताओं में अनंत शक्ति से संवाद तो गद्य में आम आदमी की बात कही है महादेवी वर्मा ने

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़ छायावाद की प्रमुख रचनाकार महादेवी वर्मा की जयंती के मौके पर मंगलवार रात को वाचनालय...

Danik Bhaskar | Mar 29, 2018, 04:20 AM IST
भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़

छायावाद की प्रमुख रचनाकार महादेवी वर्मा की जयंती के मौके पर मंगलवार रात को वाचनालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई।

मुख्य वक्ता डॉ भावना शर्मा और डॉ. मणीन्द्र रघुवंशी थे। डॉ भावना शर्मा ने कहा कि महादेवी जी के काव्य में छायावाद के रहस्यवाद और अनंत शक्ति से संवाद के विषय में तो सभी जानते हैं, लेकिन उन्होंने अपने गद्य लेखन में तत्कालीन सामाजिक विषमताओं और देश की समस्याओं के साथ आम आदमी की संवेदनाओं और परेशानियों को भी उभारा है। उनके रेखाचित्र, संस्मरण और यात्रा वृतांत इसके उदाहरण हैं। डॉ. मणीन्द्र रघुवंशी ने कहा कि महादेवी वर्मा के जीवन का वैराग्य पूरी तरह से उनका अपना निर्णय था, जिसमें कहीं कोई कटुता, नैराश्य या नकारात्मकता नहीं थी। इसीलिए उनके लेखन में कहीं कोई उलाहना या शिकायत के स्वर नहीं मिलते हैं। वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार रायसरा ने महादेवी जी के नरसिंहगढ़ से संबंध के बारे में बताया।

गोष्ठी को वल्लभ किशोर शर्मा, बद्रीलाल स्वर्णकार और नरेंद्र कुमार शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर पाठक मंच के सदस्यों ने महादेवी वर्मा की कविताओं का पाठ भी किया। काव्य पाठ करने वालों में पंकज मालवीय, अनिल व्यास, राजेश भारतीय, डॉ ओपी साहू, प्रहलाद शर्मा, पंकज शिवहरे शामिल थे। रश्मि भार्गव ने महादेवी वर्मा के गीत की और ज्योति सक्सेना ने प्रेरणा गीत की प्रस्तुति दी।

आयोजन में भूपेंद्र त्रिवेदी, संतोष त्रिवेदी, वैशाली वैद्य, बलवंत सिंह बीकावत, भूपेंद्र मिश्रा, योगेश मैथिल, ओपी गुप्ता, नीरज गुप्ता अरुण शर्मा, शाहिद सैफी, वाहिद हाशमी, दीपेंद्र शर्मा, प्रणपाल सिंह खीची,विनोद वर्मा, गोविंदा खत्री आदि शामिल हुए। संचालन अनिल व्यास और आभार प्रदर्शन विवेक ठाकुर ने किया।