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दिल में तुझे बिठाके, कर लूंगी मैं बंद आंखें...

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़ प्रख्यात गीतकार-संगीतकार और गायक रविंद्र जैन की जयंती के मौके पर संगीत संस्था सुर...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:40 AM IST
भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़

प्रख्यात गीतकार-संगीतकार और गायक रविंद्र जैन की जयंती के मौके पर संगीत संस्था सुर सरगम ने बुधवार रात साहू धर्मशाला में संगीत निशा का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजा से हुई। इस मौके पर सुर सरगम के कलाकारों ने रविंद्र जैन के गाए हुए गीतों और भजनों की मधुर प्रस्तुतियां दीं।कार्यक्रम के संचालक मनीष गुप्ता ने बीच-बीच में रविंद्र जैन के व्यक्तित्व और उनके रचनाकर्म का परिचय दिया। प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में सुनील कुमार शर्मा, मनीष सोनी, मीना मालवीय, गायत्री व्यास, इतिका शर्मा, त्रिवेणी तिवारी, सुहानी सिंह,वसुधा सिंह, अनुरिमा भार्गव, महक शुक्ला, सौरभ शर्मा, जतिन शर्मा, अक्षय शर्मा, चंद्रेश सिंह, राजकुमार, आलोक साहू, संजय परिहार आदि शामिल थे। आभार प्रदर्शन संतोष त्रिवेदी ने किया।

संगीत निशा

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़

प्रख्यात गीतकार-संगीतकार और गायक रविंद्र जैन की जयंती के मौके पर संगीत संस्था सुर सरगम ने बुधवार रात साहू धर्मशाला में संगीत निशा का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजा से हुई। इस मौके पर सुर सरगम के कलाकारों ने रविंद्र जैन के गाए हुए गीतों और भजनों की मधुर प्रस्तुतियां दीं।कार्यक्रम के संचालक मनीष गुप्ता ने बीच-बीच में रविंद्र जैन के व्यक्तित्व और उनके रचनाकर्म का परिचय दिया। प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में सुनील कुमार शर्मा, मनीष सोनी, मीना मालवीय, गायत्री व्यास, इतिका शर्मा, त्रिवेणी तिवारी, सुहानी सिंह,वसुधा सिंह, अनुरिमा भार्गव, महक शुक्ला, सौरभ शर्मा, जतिन शर्मा, अक्षय शर्मा, चंद्रेश सिंह, राजकुमार, आलोक साहू, संजय परिहार आदि शामिल थे। आभार प्रदर्शन संतोष त्रिवेदी ने किया।

संगीत संस्था सुर सरगम ने गीतकार-संगीतकार रविंद्र जैन की जयंती के मौके पर किया आयोजन

इन गीतों की प्रस्तुतियां

दीं कलाकारों ने

राधे कृष्ण की ज्योति अलौकिक, दिल में तुझे बिठाके, एक राधा एक मीरा, गीत गाता चल, तेरा मेरा साथ रहे, अंखियों के झरोखों से, सांची कहें तोरे आवन से हमरे, कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया, हुस्न पहाड़ों का, चिट्ठिए,धरती मेरी माता पिता आसमान, घुंघरू की तरह, जो राह चुनी तूने, जाते हुए ये पल छिन, मैं वही दर्पण वही, सीता राम दरस रस बरसे, आज से पहले आज से ज्यादा, जब दीप जले आना, साथी रे भूल न जाना।

अगला आयोजन

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में संगीतकार शंकर जयकिशन संगीत निशा होगी।

संगीत प्रेमी उपस्थित रहे उत्साह बढ़ाने के लिए

कार्यक्रम में स्थानीय वरिष्ठजन और संगीत प्रेमी कलाकारों का उत्साह बढ़ाने के लिए मौजूद थे। इनमें एसडीओपी नागेंद्र सिंह बेस,नपाध्यक्ष उर्मिला उपाध्याय, मनीषा उपाध्याय, रेखा परमार, प्रतिष्ठा उपाध्याय, चेतना चौहान, कविता खंडेलवाल,रश्मि भार्गव, डॉ. ओपी साहू, बीके गुप्ता, नरेंद्र शुक्ला, डॉ. इस्माइल राजा, भूपेंद्र त्रिवेदी, शिरीष उपाध्याय, सुनील त्रिवेदी, विवेक उपाध्याय, कैलाश तिवारी,बॉबी रघुवंशी, रविकांत शुक्ला, देवेंद्र साहू, अनूप साहू, भावेश कश्यप, राकेश शर्मा, जगदीश शास्त्री, संतोष साहू, ललित शर्मा, दिनेश शर्मा, दीपेंद्र शर्मा, मनीष पटेल, पदम सिंह तोमर, प्रणपाल सिंह खीची, दिनेश विजयवर्गीय आदि शामिल हुए। आयोजन में गायत्री परिवार के प्रबंधक ट्रस्टी भूपेंद्र त्रिवेदी, शैलेंद्र शर्मा और साहू समाज धर्मशाला प्रबंधन का विशेष योगदान रहा।