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नरसिंहगढ़| घेंघा रोग पर सोमवार रात को स्थानीय चिकित्सकों की

नरसिंहगढ़| घेंघा रोग पर सोमवार रात को स्थानीय चिकित्सकों की कार्यशाला आयोजित की गई। इसके मुख्य वक्ता डॉ इस्माइल...

Dainik Bhaskar

Mar 28, 2018, 06:55 AM IST
नरसिंहगढ़| घेंघा रोग पर सोमवार रात को स्थानीय चिकित्सकों की कार्यशाला आयोजित की गई। इसके मुख्य वक्ता डॉ इस्माइल राजा थे। उन्होंने बताया कि घेंघा रोग गले में स्थित थायराइड ग्रंथि में आयोडीन की कमी या अधिकता से होता है। आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारी को हाइपोथायरायडिज्म और अधिकता से होने वाली बीमारी को हाइपरथाइरॉयडिज़्म कहते हैं। इस बीमारी के मुख्य लक्षणों में सूखी त्वचा, जल्दी थकावट, मांसपेशियों में दर्द, वजन बढ़ना आदि शामिल हैं। थायराइड ग्रंथि से निकलने होने वाले हार्मोन से ही शरीर की यह सभी क्रियाएं संचालित होती हैं। यदि समय से इलाज ना किया जाए तो थायराइड से जान का खतरा भी हो सकता है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ ओपी साहू ने बताया कि देश में 3 से 5% लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं इसके लगभग 10 करोड़ रोगी भारत में हैं। उम्र बढ़ने के साथ इस बीमारी की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। फिजिशियन डॉ. महेंद्र गुप्ता ने बताया कि खून की जांच से इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है। साथ ही इसकी दवा को पूरी सावधानी से लेना चाहिए। डॉ प्रदीप पाठक ने कहा कि प्रदेश के 14 जिलों में शासन आयोडीन युक्त नमक के इस्तेमाल के लिए सघन प्रचार-प्रसार कर रहा है। सर्जन डॉ गौरव त्रिपाठी ने थायराइड की सर्जरी की परिस्थितियों के बारे में बताया। कार्यशाला में डॉ.मुस्तफा राजा,डॉ. निर्मल भिलाला,डॉ. नवीन शर्मा,डॉ. प्रतीक गुप्ता,डॉ. चर्चित मेहता, डॉ. लखन दांगी, डॉ. नरेंद्र सोनी,डॉ. अनीश बसु, डॉ. कुमारी पंचोली, डॉ. सत्यम मेहता, डॉ. शर्मा और डॉ.वरुण सिंह शामिल हुए।

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