• Hindi News
  • Madhya Pradesh News
  • Narsinghgarh
  • दूसरी बार लगी आग, वन्य क्षेत्र चिड़ी खो में कई पेड़ जले, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
--Advertisement--

दूसरी बार लगी आग, वन्य क्षेत्र चिड़ी खो में कई पेड़ जले, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़ संरक्षित वन क्षेत्र चिड़ी खो में शनिवार को आग लग गई। बाद में वन विभाग ने स्टाफ और...

Dainik Bhaskar

Apr 29, 2018, 02:10 AM IST
दूसरी बार लगी आग, वन्य क्षेत्र चिड़ी खो में कई पेड़ जले, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़

संरक्षित वन क्षेत्र चिड़ी खो में शनिवार को आग लग गई। बाद में वन विभाग ने स्टाफ और नगर पालिका की फायर ब्रिगेड की मदद से आग को काबू में किया। आग से कई झाड़ियों और पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। इस सीजन में यह दूसरी बार हुआ है। घटना वनग्राम देवगढ़ के पास हुई है और इन दिनों गांव में लगातार वैवाहिक आयोजन हो रहे हैं। आग लगने का कारण अज्ञात है, लेकिन माना जा रहा है कि बीड़ी सिगरेट की वजह से यह हुआ होगा। आग लगने के बाद जंगली क्षेत्रों में आग पर काबू पाने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

आग लगने का कारण जलती हुई बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े फैंकना हो सकता है

सीजन में दूसरी बार संरक्षित वन क्षेत्र में आग लगी ।

अंदरूनी क्षेत्रों में नहीं जा सकती फायर ब्रिगेड

वन्य क्षेत्र में आग लगना एक बड़ी समस्या है। दिक्कत यह है कि जब आग लगकर फैल जाती है उसके बाद ही घटना का पता चल पाता है। वन्य क्षेत्र ऊंची-नीची पहाड़ियों,खाइयों और घाटियों के बीच फैला हुआ है। ऐसे में फायर ब्रिगेड की मदद से अंदरूनी क्षेत्रों में आग को नहीं रोका जा सकता। हालांकि सड़क से सटे वन्य क्षेत्र में आग पर नियंत्रण में फायर ब्रिगेड अच्छी मदद करती है, लेकिन जंगल के अंदरूनी हिस्सों में वन विभाग के फायर स्टाफ से ही काम लेना पड़ता है।

इस पर ध्यान देना जरूरी

वन्य क्षेत्र में पानी रोकने के और भी ज्यादा केंद्र बनाने की जरूरत है। ऐसे में जंगल में लगने वाली आग को काबू में पाने में ज्यादा मदद मिल सकती है। फिलहाल ऐसे केंद्र ज्यादा नहीं हैं।

चिड़ी खो :

57 वर्ग किलोमीटर में फैला है।

1975- में इसे अभयारण्य का दर्जा मिला। इसके पहले यह स्थानीय राजवंश की शिकारगाह था।

समय पर काबू पा लिया था


X
दूसरी बार लगी आग, वन्य क्षेत्र चिड़ी खो में कई पेड़ जले, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..