नरसिंहगढ़

--Advertisement--

विक्रम द्वार के ऊपर बनी तीनों छतरियां नदारद

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़ रियासती दौर का विक्रम द्वार भोपाल की ओर से शहर में प्रवेश करने का रास्ता है। किसी...

Dainik Bhaskar

Apr 30, 2018, 03:55 AM IST
भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़

रियासती दौर का विक्रम द्वार भोपाल की ओर से शहर में प्रवेश करने का रास्ता है। किसी समय भव्यता का प्रतीक रहा विक्रम द्वार अपना वैभव खो चुका है। विक्रम द्वार के ऊपर बनी हुई तीनों छतरियां नदारद हैं। एक तरफ शासकीय विश्रामगृह और दूसरी तरफ राज परिवार के निजी आवास भानु निवास पैलेस को छूते हुए विक्रम द्वार का उपयोग किसी समय शहर के सुरक्षा इंतजामों पर नजर रखने के लिए भी किया जाता था, लेकिन अब यह पूरी तरह अनुपयोगी हो गया है। सबसे बड़ी बात यह है है कि शहर की एंट्री को खूबसूरत बनाने के लिए नगरीय प्रशासन नए प्रवेश द्वार को बनाने के प्रस्ताव तैयार कर रहा है, लेकिन पहले से बने हुए विक्रम द्वार पर किसी का ध्यान नहीं है।

अनदेखी

भोपाल की ओर से शहर में प्रवेश करने के लिए विक्रम द्वार का आज भी इस्तेमाल होता है

पहले भी होती रही है सौंदर्यीकरण की मांग

विक्रम द्वार से स्थानीय लोगों का भावनात्मक जुड़ाव भी है। समय-समय पर लोग इसके सौंदर्यीकरण की मांग को लेकर नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन को पत्र भी देते रहे हैं।वर्ष 2010 में जब शहर के पर्यटन को उभारने के लिए नरसिंहगढ़ महोत्सव की शुरुआत हुई थी, तब भी विक्रम द्वार को सजाया और संवारा गया था, लेकिन बात इसके आगे नहीं बढ़ सकी।

X
Click to listen..