Hindi News »Madhya Pradesh »Narsinghgarh» पॉलीथिन से खराब हुआ जमीन का बड़ा हिस्सा, फिर भी नहीं लग पा रही है रोक

पॉलीथिन से खराब हुआ जमीन का बड़ा हिस्सा, फिर भी नहीं लग पा रही है रोक

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़ पर्यावरण के लिए घातक पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक के लिए स्थानीय प्रशासन और नगर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 30, 2018, 03:55 AM IST

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़

पर्यावरण के लिए घातक पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक के लिए स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका ने अब तक कोई कदम नहीं उठाए हैं, जबकि पॉलीथिन की वजह से शहर के कई हिस्सों में जमीन प्रदूषित हो चुकी है। इसमें निजी भूमि के साथ सार्वजनिक क्षेत्र भी शामिल हैं। मेले वाला बाग, कंतोड़ा वन्य क्षेत्र, रामकुंड का अर्जुन, गोशाला मार्ग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। पॉलीथिन के इस्तेमाल को रोकने के लिए न तो किसी तरह के जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, न ही कोई कार्रवाई की जा रही है।

सर्वे में भी पॉलीथिन के लिए अलग से कोई प्लान नहीं बनाया: नगरीय निकाय स्वच्छता रैंकिंग सर्वे 2018 में शहर शामिल है। जुलाई 2017 से नगरपालिका ने शहर को सर्वे में टॉप पर लाने के लिए अलग-अलग गतिविधियां शुरू कीं, लेकिन पॉलीथिन के इस्तेमाल को रोकने के लिए किसी भी तरह का अलग से कोई प्लान नहीं बनाया गया।

ऐसे समझें पॉलीथिन के नुकसान को पॉलीथिन से केवल गोवंश या पर्यावरण को ही नुकसान नहीं पहुंचता है, यह हर व्यक्ति के लिए घातक है। खासतौर से शहर की स्थानीय बनावट और बसाहट को देखते हुए पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद होना बहुत जरूरी है। थावरिया, सूरजपोल, रामकुंड, चंपी मोहल्ला जैसे क्षेत्र संकरी गलियों में बसे हुए हैं, जहां नालियों से पानी की निकासी बड़ी समस्या है। इन में पॉलिथीन जमा होकर पानी का प्रवाह रोक देती है। ऊपर से नियमित सफाई भी नहीं होती, इससे गंदा पानी जमा होकर सड़ता है। इसके अलावा परशुराम सागर का प्रमुख नाला शहर के बड़े हिस्से को घेरता हुआ निकलता है। इसमें जमा होने वाली पॉलिथीन की वजह से भी सफाई के इंतजामों पर असर पड़ता है।

जिम्मेदार बोले- लोगों की मदद के बिना पॉलीथिन पर प्रतिबंध संभव नहीं

यह है स्थिति

5 टन पॉलीथिन शहर से औसतन हर 15 दिन में निकलती है।

200से ज्यादा गोवंश की मौत पिछले 3 सालों में पॉलीथिन खाने से हुई है।

5फीट पानी परशुराम सागर में रह गया है, क्योंकि तलहटी में मलबे के साथ बड़ी मात्रा में पॉलीथिन जमा है।

होना यह भी चाहिए

नगर पालिका पॉलीथिन के विकल्प बाजार में उतारने में मदद करे।इसके अलावा पहले चरण में अमानक स्तर की पॉलीथिन को प्रतिबंधित किया जा सकता है। जब लोगों की आदत से पॉलीथिन छूटने लगे तो फिर पॉलीथिन को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

लोगों को भी मदद करनी होगी

पॉलीथिन पर प्रतिबंध बिना नागरिकों की मदद के नहीं लगाया जा सकता है। जागरूकता के लिए नगरपालिका अपनी कोशिशें कर सकती है, लेकिन लोगों को भी समझना होगा कि पॉलीथिन उनके लिए कितनी नुकसानदेह है। नागरिक हमें व्यक्तिगत सुझाव दे सकते हैं कि पॉलीथिन को पूरी तरह से बाहर कैसे किया जा सकता है। उर्मिला उपाध्याय, नपाध्यक्ष नरसिंहगढ़।

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Narsinghgarh News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: पॉलीथिन से खराब हुआ जमीन का बड़ा हिस्सा, फिर भी नहीं लग पा रही है रोक
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Narsinghgarh

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×