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सरकारी विभागों ने खुद ही नहीं लगाए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सिखाएंगे क्या

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़ आजादी के 70 साल बीतने के बाद भी बारिश के पानी को सहेजने जैसे मुद्दे पर भी लोग जागरूक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 24, 2018, 05:30 PM IST

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़

आजादी के 70 साल बीतने के बाद भी बारिश के पानी को सहेजने जैसे मुद्दे पर भी लोग जागरूक नहीं हैं। बड़ी बात यह है कि जिन शासकीय संस्थाओं पर विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने की जवाबदारी होती है वे भी इस मामले में पीछे ही हैं। शहर में गिनी-चुनी निजी इमारतों को छोड़कर अभी तक कहीं पर भी बारिश के पानी को सहेजने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बनाया गया है।

जबकि शासकीय आदेश के मुताबिक हर शासकीय संस्था में इस सिस्टम का होना बहुत जरूरी है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बनने की वजह से शहर में हर साल होने वाली भरपूर बारिश के पानी का भी उपयोग नहीं हो पाता है। बारिश के दौरान सारा पानी बह कर निकल जाता है।

जिन शासकीय संस्थाओं पर लोगों को जागरूक करने की जवाबदारी है वे भी पीछे

पानी सहेजने के लिए प्रेरित ही नहीं किया इसलिए है संकट

सिस्टम के बिना नए मकानों की अनुमति भी नहीं देने के प्रावधान

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और आवास एवं पर्यावरण विभाग के नियमों के मुताबिक नगरीय क्षेत्र में मकान निर्माण की अनुमति के पहले आवेदक को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का लिखित वादा करना होता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है। नगर पालिका मकान के निर्माण के दौरान इस बात की जांच भी नहीं करती है कि आवेदक ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाया भी है या नहीं।

शासकीय विभागों की संख्या-22

हम शुरुआत नपा से ही करेंगे

यह सही है कि जल संरक्षण को लेकर जागरूकता के प्रयासों में कमी रही है। इसकी शुरुआत नगर पालिका कार्यालय परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाकर नगर पालिका खुद करेगी। नागरिकों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उर्मिला उपाध्याय, नपाध्यक्ष,नरसिंहगढ़।

नगर पालिका ने भी नहीं बनवाया सिस्टम

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाने के नियम का पालन करवाने की जवाबदारी नगरपालिका की है,लेकिन खुद नगर पालिका कार्यालय में ही यह सिस्टम नहीं बना है।इसके पहले भी नगर नियोजन के विकेंद्रीकरण अभियान के दौरान नगर पालिका ने नगर के विकास और व्यवस्थाओं के लिए सभी वार्डों के सर्वे के दौरान नागरिकों से सुझाव लिए थे। तब भी यह सुझाव बार बार आया था कि निजी आवास, सार्वजनिक कॉॅम्प्लेक्स के अलावा नगर की पहाड़ी बस्तियों के निचले हिस्सों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने चाहिए, जिससे पहाड़ों से बहकर आने वाला पानी सीधे जमीन के अंदर उतर सके। लेकिन इन सुझावों पर आज तक अमल नहीं हुआ है।

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