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ईंट भट्टों ने बिगाड़ा नदियों का स्वरूप बड़ी संख्या में चल रहे अवैध ईट भट्टे

भास्कर संवाददाता| नसरुल्लागंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों में नदी-नालों के किनारों पर अवैध रूप से लगभग 400 ईंट...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:25 AM IST
भास्कर संवाददाता| नसरुल्लागंज

तहसील क्षेत्र के कई गांवों में नदी-नालों के किनारों पर अवैध रूप से लगभग 400 ईंट भट्टे चल रहे हैं। इन ईंट भट्टों से निकलने वाले धुएं से ग्रामीण परेशान हैं। विशेष रूप से गांवों में वृद्ध, बच्चे व दमा रोगियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खास बात तो यह हैं कि इन ईंट भट्टों के संचालकों द्वारा तहसील कार्यालय से किसी भी प्रकार की कोई अनुमति नहीं ली गई है। इससे शासन को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

नदियों का स्वरूप बिगड़ा: ईंट भट्टों के संचालकों ने नदी-नालों के किनारे की मिट्टी खोदकर नदियों का स्वरूप बिगाड़ दिया है।

क्षेत्र व नगर में कई जगह लगाए जा रहे हैं अवैध ईंट भट्टे।

इन गांवों में चल रहे हैं भट्टे

तहसील क्षेत्र के गांव सतराना, गिल्लौर, पांडागांव, मनास्या, आंबा, बड़गांव, सातदेव, लाड़कुई, लोदावड़, नीलकंठ, सीलकंठ, छीपानेर, मंडी, बाबरी, डिमावर सहित लगभग 40 गांवों में अवैध रूप से ईंट भट्टे चल रहे हैं। इन ईंट भट्टे संचालकों ने अपनी ईंटों का पकाने के लिए जहां नदियों का स्वरूप बिगाड़ा है, वहीं जंगलों में भी पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे हैं। इसमें सागौन, साजड़, टेमरू, बबूल आदि पेड़ों की लकड़ी लाकर ईंट पकाने में उपयोग की जा रही है।

शिकायतों का भी नहीं असर

अवैध रूप से तहसील क्षेत्र के गांव पांडागांव , गिल्लौर, आंबा, बडग़ांव, नीलकंठ, सातदेव सहित अनेक गांवों में संचालित ईंट भट्टों के संचालकों ने नदियों व वनों का दोहन किया जा रहा हैं। इस संबंध में ग्रामीण प्रशासन को शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इन भट्टा संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई हैं।