--Advertisement--

तेजी से खाली हो रहा जलाशयों का पानी, गांवों में संकट शुरू

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 04:00 AM IST

Nasrullaganj News - भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज बीते सप्ताह से दिन में जहां तापमान में वृद्धि हो रही वहीं रात होते ही ठंडक का...

तेजी से खाली हो रहा जलाशयों का पानी, गांवों में संकट शुरू
भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज

बीते सप्ताह से दिन में जहां तापमान में वृद्धि हो रही वहीं रात होते ही ठंडक का अहसास महसूस हो रहा हैं। इससे गर्मी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। बढ़ते तापमान से हो रही गर्मी के कारण नगर व क्षेत्र में आम नागरिक परेशान दिखाई दे रहे हैं। वहीं नगर के विभिन्न वार्डों में अभी से पेयजल संकट शुरू हो चुका है। वार्डवासियों को दूर-दराज नलों व ट्यूबवेलों पर जाकर पानी भरना पड़ रहा है।

तापमान के बढ़ने के कारण दिनों दिन नगर के जल स्रोतों में जलस्तर गिरता जा रहा है। किसानों के खेतों में बने तालाब व शासन द्वारा बनाए गए तालाब में सूखने लगे हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति बन गई है। सीप नदी तो जनवरी माह में ही सूख गई है। इससे लगे लगभग सभी गांवों में जल संकट ने दस्तक दे दी है। प्रमुख रूप से नयागांव, पांडागांव, धौलपूर, जामुनिया, रानीपुरा, गिल्लौर, गोरखपुर, वासुदेव, बडऩगर, मगरिया, रामनगर सहित आसपास के गांवों में पानी के लिए परेशानी शुरू हो गई है।

तालाबों में कम हुआ जल

बाबड़ी खेड़ा, ससली में तीन, इटारसी, नंदकोट, मंजाखेड़ी, बसंतपुर में दो, हमीदगंज में दो, बडनगर में दो, सेमलपानी व सिरसोदिया में परकोलेशन टेंक पांच लाख की लागत से बनाए गए थे। वहीं वृहद तालाब लाचौर, गोपालपुर व गिल्लौर में चालीस लाख की लागत से शासन ने बनाए थे। इन तालाबों में पानी का भंडार गर्मी के कारण कम होता जा रहा है।

इससे जल स्तर में कमी आ रही है। वहीं कुएं व ट्यूबवेलों का जल स्तर भी गिरता जा रहा है। अभी गर्मी के चार माह शेष बचे हुए है और अभी से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

मूंग की बोवनी की तो नहीं मिलेगा पीने के लिए पानी

ग्रामीणों का मानना है कि सीप नदी सूखने के बाद अभी से जल संकट की स्थिति पैदा हो चुकी है। ऐसे में यदि किसानों ने लालच में आकर तीसरी फसल के रूप में मूंग की बोवनी की तो लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए दूर-दराज से भी पानी नहीं मिलेगा। प्रशासन ने अभी तक इस ओर कोई ठोस प्लान नहीं बनाया है।

फरवरी में ही सूख गया सीप नदी का पानी, आसपास जलस्तर गिरा

सीपनदी में नहीं बचा एक भी बूंद पानी।

बैठक की जाएगी


X
तेजी से खाली हो रहा जलाशयों का पानी, गांवों में संकट शुरू
Astrology

Recommended

Click to listen..