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नसरुल्लागंज | अब स्कूल प्रबंधन व प्राचार्य आपके बच्चों से

नसरुल्लागंज | अब स्कूल प्रबंधन व प्राचार्य आपके बच्चों से फीस नहीं मांग सकते हैं और न ही इसके लिए बच्चों पर किसी...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 05:35 AM IST
नसरुल्लागंज | अब स्कूल प्रबंधन व प्राचार्य आपके बच्चों से फीस नहीं मांग सकते हैं और न ही इसके लिए बच्चों पर किसी प्रकार से दबाव बना सकते हैं। वे अब यह नहीं कह सकेंगे कि वे अपने अभिभावक से कहें कि स्कूल की फीस समय से भर दें। बच्चों की डेली डायरी तक पर भी वे फीस का जिक्र नहीं होगा। राष्ट्रीय बाल सरंक्षण आयोग ने निर्देश जारी किए हैं कि स्कूल संचालक फीस को लेकर किसी भी प्रकार से विद्यार्थियों से संपर्क न करें। इसके लिए से सीधे अभिभावक से ही बात करें। आयोग के मुताबिक फीस को लेकर विद्यार्थियों को प्रताड़ित किया जाता है, इससे वे आत्महत्या या स्कूल छोड़ने जैसा कदम तक उठा लेते हैं। आयोग का कहना है कि स्कूल की फीस वित्तीय मामला है जो कि पालक व स्कूल प्रबंधन के बीच का काम है। इसके कारण विद्यार्थी को प्रताडि़त न करते हुए पालकों से संपर्क स्थापित किया जाए और चर्चा कर निराकरण किया जाना चाहिए। आयोग से निर्देश मिलने के बाद लोक शिक्षण आयुक्त ने प्रदेश से संयुक्त संचालक शिक्षा स्कूल शिक्षा और डीईओ को आदेश जारी कर दिए हैं कि वे सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों एवं प्राचार्यों को बताएं कि वे फीस के संबंध में बच्चों से कोई बात न करें। उन्होंने कहा कि वे निर्देशों का पालन सभी स्कूल संचालकों से कराए। आयोग ने केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड एक्ट 2017 के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में लिखा है कि स्कूली विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या करने के अनेक प्रकरण देखने में आए हैं। इनमें विद्यार्थियों द्वारा स्कूल फीस जमा नहीं करने के कारण स्कूल प्रबंधन द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।