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शहर की 95 फीसदी सड़कें खोद दी, एक भी नहीं सुधारी

शहर में पेयजल पाइप लाइन व सीवरेज के लिए एक साल में 95 फीसदी सड़कों को खोद दिया। लेकिन नपा व निर्माण कंपनी ने एक भी सड़क...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:05 AM IST
शहर में पेयजल पाइप लाइन व सीवरेज के लिए एक साल में 95 फीसदी सड़कों को खोद दिया। लेकिन नपा व निर्माण कंपनी ने एक भी सड़क को नहीं सुधारा। वाहनों के निकलने पर धूल के उड़ते गुबार से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। जिला अस्पताल में पिछले वर्ष तक एक महीने में अस्थमा के 15 मरीज इलाज के लिए आ रहे थे। लेकिन अब यह संख्या दोगुनी हो गई है। एलर्जी और त्वचा रोग के मरीज भी बढ़े हैं।

नपा द्वारा शहर में दो पेयजल योजना के तहत पाइप लाइन डालने के लिए एक वर्ष में सभी सड़कों को खोद दिया। इसके बाद सीवरेज लाइन के लिए फिर से सड़कों को खोद दिया। इसक काम धीमी गति से चल रहा है। करीब 120 किमी सड़कें जगह-जगह खोदी। पाइप डालने के बाद ठेकेदार ने सड़कों पर डामरीकरण नहीं किया। इसके कारण यहां से वाहनों के निकलने पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। दुकानदारों व रहवासियों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहे हैं। एक वर्ष में श्वास, त्वचा और एलर्जी के मरीजों में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में वर्ष 2016-17 में हर माह एलर्जी के 450 मरीज आ रहे थे। वर्ष 2017-18 यह आंकड़ा 711 तक पहुंच गया। इसी तरह अस्थमा के हर माह 15 मरीज थे अब 30 से ज्यादा मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं।

धूल के गुबार से लोग हो रहे बीमार

रिसाला मसजिद मार्ग पर इस तरह उड़ रहेे धुल के गुबार।

दो प्रोजेक्टों के काम

शहर में सीवरेज के लिए 107 किमी लाइन और पेयजल के लिए 118 किमी पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। सीवरेज का 95 फीसदी तथा पानी के लिए 100 किमी पाइप लाइन डाली जा चुकी है। चैंबर आदि बनाने के लिए भी सड़कों की खुदाई की गई है। सड़क खुदाई के बाद नियमानुसार तत्काल मरम्मत नहीं की जा रही है।

नहीं दबा रहे मिट्‌टी

निर्माण एजेंसी सड़क खुदाई व पाइप डालने के बाद मिट्टी भरकर पानी का छिड़काव व रोलर चलाकर मिट्‌टी नहीं दबा रही इसके कारण पुरानी पुलिस लाइन से सिटी मार्ग, वीर पार्क रोड, सब्जी मंडी मार्ग, सिंधी कॉलोनी, स्कीम नं. 36, नारकोटिक्स कॉलोनी मार्ग, मूलचंद मार्ग, शास्त्री नगर मार्ग, भगवानपुरा मार्ग पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं।

इंफेक्शन का भी खतरा

एलर्जी रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित जैन का कहना है धूल से लोगों को जुकाम, आंखों से पानी आना, खुजली, गले में खराश, सांस में तकलीफ, खांसी, दमा, खुजली और फेफड़ों में इंफेक्शन की समस्या होती है। फोड़े-फुंसी व घाव पर धूल से इंफेक्शन का खतरा रहता है।

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